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मिशन साउथ पर निकले पीएम मोदी, तमिलनाडु में करिश्मा करने के लिए भाजपा

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यह तो सभी देख रहे हैं कि भाजपा दक्षिण भारत में तमाम प्रयासों के बावजूद संघर्ष करती नजर आ रही है. गुजरात से लेकर नॉर्थ ईस्ट, कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक उसने भगवा परचम लहराया लेकिन केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में उसके पांव नहीं जम रहे हैं.

हाल में कुछ स्थानीय चुनावों में जरूर खुशखबरी मिली. नए साल में नया और सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के बाद भाजपा अब चुनावी मोड में आ चुकी है. युवा नेतृत्व को आगे कर भाजपा ने तमिलनाडु जीतने का प्लान तैयार किया है. प्रधानमंत्री ने आज अपने साउथ मिशन का आगाज केरल के तिरुवनंतपुरम से किया. रोडशो में पीएम का अभिवादन करने के लिए सड़क के किनारे बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी. इसके बाद वह तमिलनाडु में रैली करेंगे पर यहां की राजनीति तो दो पार्टियों के इर्द-गिर्द घूमती है, भाजपा करिश्मा कैसे करेगी?

234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री आज एनडीए के चुनावी अभियान की शुरुआत कर रहे हैं. तमिलनाडु के मदुरंतकम में एनडीए की बड़ी सभा हो रही है. दिल्ली से लेकर चेन्नई तक चर्चा है. भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह प्रधानमंत्री मोदी और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में तमिलनाडु में एनडीए के चुनाव अभियान की शुरुआत है. यह डीएमके का गढ़ माना जाता है. यहां अन्नाद्रमुक को आगे करके भाजपा तमिलनाडु जीतने चली है. पीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि तमिलनाडु एनडीए के साथ है. पांच प्वाइंट्स में पढ़िए तमिलनाडु की मौजूदा सियासत और भाजपा का प्लान.

भाजपा का तमिलनाडु मिशन

तमिलनाडु में भाजपा एनडीए का ज्यादा से ज्यादा विस्तार करना चाहती है. वह आगे बढ़कर खेलने की जगह डीएमके के खिलाफ फील्डिंग सेट कर रही है. यहां भाजपा डीएमके विरोधी वोटरों को एकजुट करके अपना साथ जोड़ना चाहती है. यही वजह है कि हाल के दिनों में कई नेताओं के साथ चर्चा और गठबंधन किया गया है.

विजय अपनी ‘सीटी’ बजा रहे

राज्य की पारंपरिक दो ध्रुवीय पॉलिटिक्स में एक्टर विजय की टीवीके तीसरे मोर्चे के तौर पर उभरी है. हाल में विजय ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी तो काफी चर्चा हुई. भाजपा उन्हें भी साथ लेना चाहती है लेकिन विजय का खेमा उन्हें सीएम प्रोजेक्ट कर रहा है. राज्य का इतिहास भी है कि एक्टर को जनता काफी पसंद करती रही है. वह भाजपा की विचारधारा का विरोध करते रहे हैं. टीवीके का झुकाव कांग्रेस की तरफ भी दिखा है लेकिन गठबंधन मुश्किल है. उनकी पार्टी को ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह मिला है.

भाजपा के साथ कौन-कौन

तमिलनाडु में एनडीए के घटक दलों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मनीला कांग्रेस और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) शामिल हैं. एनडीए ने तमिलनाडु में डीएमके सरकार को सत्ता से हटाने का लक्ष्य रखा है. सबको उम्मीद है कि आज की पीएम की रैली से भाजपा और सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा होगा.

जयललिता की ‘ताकत’ के सहारे भाजपा

हां, भाजपा का यह सोचना है कि एआईएडीएमके और दिवंगत नेता जयललिता के साथ रहे सभी सहयोगियों को एकजुट किया जाए. दूसरी तरफ एनडीए की लड़ाई कांग्रेस, डीएमके और लेफ्ट के गठबंधन से है.

अभी गठबंधन बढ़ेगा

तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल राज्य में एनडीए को विस्तार देने में जुटे हैं. उन्होंने आईजेके के नेता पी. वेंथम से भी मुलाकात की है. अन्नाद्रमुक के बाकी गुटों को जोड़ने का भी काम चल रहा है.