राजनांदगांव। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह का आयोजन दिग्विजय स्टेडियम में किया गया। प्रतियोगिता में देश के 27 राज्य एवं 9 शैक्षणिक संस्थान सहित कुल 36 बास्केटबॉल बालक व बालिका 17 वर्ष वर्ग की टीमें शामिल हुई। प्रतियोगिता में 429 बालक एवं 402 बालिका तथा 175 कोच कुल 1006 प्रतिभागी हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के समापन समारोह के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि जीवन में खेल का बहुत महत्व है और जीवन का हर क्षण खेल है। इसका निष्कर्ष यह है कि हम जब तक किसी भी खेल में संघर्ष नहीं करेंगे तो हमें सफलता नहीं मिलेगी। जीवन में संघर्ष करते रहने पर एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। आप सभी प्रतिभावान खिलाड़ी जिन्होंने यह जीत हासिल की है, उन्हें हार्दिक बधाई। ऐसे खिलाड़ी जो जीत नहीं पाए है, वे निराश नहीं हो इससे सीखने का अवसर मिलता है। सभी आज यहां से प्रेरणा लेकर जा रहे है और आगे भी मेहनत करते रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खेल धानी के रूप में विशेष रूप से पहचान बनाने वाले राजनांदगांव शहर संस्कारधानी के नाम से विख्यात है तथा यह शहर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली रही है। यहां खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आगे चलकर देश का नाम रौशन करेंगे। राजनांदगांव शहर हॉकी एवं झांकी के लिए प्रसिद्ध है तथा साहित्य एवं कला के क्षेत्र में भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियो के लिए आवास एवं अन्य व्यवस्था देने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर खेलो इंडिया रथ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वहीं शासकीय लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यकम की प्रस्तुति दी गई। गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने योग का प्रदर्शन, नृत्य एवं कराटे का प्रदर्शन किया। अतिथियों ने प्र्रतियोगिता में विजेता टीमों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, कोमल सिंह राजपूत, रविन्द्र वैष्णव, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, पार्षद रवि सिन्हा, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी, कोच उपस्थित रहे।



