Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के मंगल प्रवेश पर उमड़ा जनसैलाब, राजनांदगांव बना...

आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के मंगल प्रवेश पर उमड़ा जनसैलाब, राजनांदगांव बना आध्यात्मिक साक्षी

2
0

राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव मंगलवार को उस समय आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो गई, जब नव पट्टाचार्य आचार्य विशुद्ध सागर महाराज का नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री के आगमन पर शहर में जैन समाज सहित अहिंसा प्रेमी नागरिकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और जयघोष से गूंज उठा।

दिगंबर जैन पंचायत के सचिव सूर्यकांत जैन ने बताया कि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज अपने 24 मुनि संघ के साथ जैसे ही गुरुद्वारा चौक पहुंचे, वहां सकल जैन समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। दिगंबर जैन आदर्श महिला मंडल की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर आचार्य श्री की अगवानी की। इस दौरान समाजजनों द्वारा आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया।

भजन-कीर्तन के बीच आचार्य श्री को नगर भ्रमण कराते हुए दिगंबर जैन मंदिर, गंजलाइन लाया गया। यहां उन्होंने आचार्य भगवंत विद्यासागर महामुनिराज की प्रेरणा से निर्माणाधीन पाषाण जिनालय का अवलोकन किया। मंदिर निर्माण समिति को आशीर्वाद देते हुए आचार्य श्री ने कहा कि यह विद्यासागर महाराज का अंतिम प्रकल्प है, इसे शीघ्र पूर्ण करना सभी का दायित्व है।

इसके बाद आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने राजनांदगांव के मूलनायक 1008 श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन किए। उदयाचल परिसर में नेमिनाथ भगवान के तैलचित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात आचार्य श्री के मंगल प्रवचन का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।

प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि जैन धर्म जीव दया का धर्म है और प्रत्येक प्राणी में भगवान बनने की क्षमता है। उन्होंने पंचम काल में भी धर्म साधना को संभव बताते हुए जीवन का सूत्र दिया— “देखो, जानो और जाने दो।” उन्होंने क्रोध, मान, माया और लोभ से दूर रहने का संदेश दिया।

इस धार्मिक आयोजन में शहर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाज के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष अशोक झंझरी एवं सचिव सूर्यकांत जैन ने नगरवासियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।