सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत को अब रॉकेट-मिसाइल फोर्स की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को ऐसी फोर्स चाहिए, जिसमें रॉकेट और मिसाइल दोनों की क्षमताएं मौजूद हों।
चीन और पाकिस्तान पहले ही इस तरह की फोर्स खड़ी कर चुके हैं। वह सेना दिवस से पूर्व वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत पिनाका रॉकेट सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। इसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर तक है। इसके अलावा, प्रलय सहित अन्य रॉकेट और मिसाइल प्रणालियों पर भी काम चल रहा है।
मौजूदा हालात में रॉकेट और मिसाइल फोर्स जरूरत बन चुकी है तथा सरकार भी इस पर सहमत है। अब फैसला यह होना है कि यह फोर्स सेना के भीतर रहेगी या रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में होगी।
क्या है रॉकेट फोर्स और यह क्यों जरूरी है?
रॉकेट फोर्स एक विशिष्ट सैन्य इकाई होती है जो लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों का संचालन करती है। आधुनिक नॉन-कॉन्टैक्ट युद्ध में इसकी भूमिका निर्णायक होती है क्योंकि सैनिकों को सीधे दुश्मन के सामने जाने की जरूरत नहीं पड़ती। वे कमांड सेंटर से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।
ब्रह्मोस (BrahMos) और प्रलय (Pralay) जैसी मिसाइलें रडार, जीपीएस और इन्फ्रारेड सिस्टम की मदद से सैकड़ों किलोमीटर दूर दुश्मन के एयरफील्ड और कमांड सेंटर को सटीक निशाना बनाती हैं। रॉकेट और मिसाइलें मिलकर दुश्मन के बुनियादी ढांचे को कुछ ही मिनटों में पंगु बना सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस ने मचाई तबाही
भारतीय सेना की इस नई रणनीति के पीछे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का बड़ा हाथ है। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी कैंपों और सैन्य ठिकानों पर ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों से भीषण हमले किए। भारत ने अपनी सीमा पार किए बिना ही दुश्मन के सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त कर दिया, जिसने मिसाइल तकनीक की श्रेष्ठता को साबित किया।
चीन और पाकिस्तान की चुनौती
भारत के दोनों पड़ोसी अपनी मिसाइल शक्ति को संगठित कर चुके हैं। चीन ने 2015 में ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) का गठन किया था, जो दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल ताकतों में से एक है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान ने भी 13 अगस्त 2025 को चीन की तर्ज पर आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) बनाने की घोषणा की है।



