Home छत्तीसगढ़ सत्यशीला दीदी की मेहनत से बदली किस्मत, लखपति दीदी योजना से मिली...

सत्यशीला दीदी की मेहनत से बदली किस्मत, लखपति दीदी योजना से मिली आत्मनिर्भरता

8
0

मोहला। गांव की बाड़ी में उगाई गई ताजे सब्जियों ने सत्यशीला दीदी के जीवन को नया मोड़ दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत “लखपति दीदी” योजना से जुड़कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही योजना और कड़ी मेहनत से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

सत्यशीला दीदी का नाम आज गांव में एक प्रेरणा के रूप में लिया जाता है। जब उन्हें लखपति सीआरपी द्वारा आजीविका योजना के तहत सहायता मिली, तो उन्होंने अपने घर के पीछे बाड़ी में खेती करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने ग्राम संगठन से 40 हजार रुपये का ऋण लिया और साथ ही अपनी जमा पूंजी का इस्तेमाल करके बाड़ी में फेंसिंग कार्य कराया। इसके बाद, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर दीदी ने सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया।

सत्यशीला दीदी ने सब्जी उत्पादन में जैविक पद्धतियों को अपनाया। जैविक कीटनाशक और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर उन्होंने पालक, बैंगन, और टमाटर की उन्नत खेती की। इस प्रयास से उन्हें पहले ही चरण में लगभग 60 हजार रुपये की आय हुई।

आज सत्यशीला दीदी का बाड़ी उत्पादन नियमित रूप से 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह की आय का स्रोत बन चुका है। चिल्हाटी और टाटेकसा बाजार के पास होने के कारण उन्हें विक्रय में कोई समस्या नहीं आ रही है। इसके अलावा, दीदी अपनी ताजे सब्जियों की नियमित आपूर्ति संकुल, आंगनबाड़ी केंद्र और थाना परिसर में भी कर रही हैं।

सत्यशीला दीदी का यह सफल प्रयास न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी एक मिसाल बन गया है। “लखपति दीदी” योजना के माध्यम से शासन का यह कदम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है।