मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत 7वें दिन यातायात पुलिस ने जिले के स्कूल बसों की व्यापक चेकिंग की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करते हुए कुल 10 स्कूल बसों की जांच की गई और बस चालकों को यातायात नियमों की कड़ी समझाइश दी गई।
7 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री वाय. पी. सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री देवचरण पटेल और डीएसपी मुख्यालय श्रीमती नेहा पावर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी शेषनारायण देवांगन और उनकी टीम ने जिले की प्रमुख स्कूलों की बसों की चेकिंग की। इनमें फ्लावर वैली इंग्लिश मीडियम स्कूल मानपुर, संदीपनि इंग्लिश मीडियम स्कूल मानपुर, पी.एम. श्री मोहला, लाल श्याम शाह इंग्लिश मीडियम स्कूल मोहला, विनायक पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल मोहला, DNT पब्लिक स्कूल मोहला, गायत्री विद्यापीठ अम्बागढ़ चौकी और सरस्वती शिशु मंदिर मोहला शामिल हैं।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा:
चेकिंग के दौरान स्कूल बसों में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की गई। पुलिस ने बस चालकों को निम्नलिखित नियमों की विस्तार से जानकारी दी:
GPS और स्पीड गवर्नर: बसों में GPS और स्पीड गवर्नर का होना अनिवार्य है ताकि बस की गति नियंत्रित रहे और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन दरवाजा: बसों में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन दरवाजे होने चाहिए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल बचाव किया जा सके।
CCTV कैमरा और प्राथमिक उपचार: बसों में CCTV कैमरे और प्राथमिक उपचार किट का होना जरूरी है।
बस की सुरक्षा से संबंधित अन्य नियम:
बच्चों को सुरक्षित घर तक पहुँचाने की जिम्मेदारी बस चालक की होती है।
बस चलाने से पूर्व दरवाजा बंद रखना, बस रुकने के बाद बच्चों को सुरक्षित उतारना।
स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए और उस पर काले रंग से नंबर अंकित करना जरूरी है।
बस के सामने स्कूल का नाम बड़े अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
नशे की हालत में बस चलाने पर पाबंदी।
सीट बेल्ट पहनने की सलाह दी गई।
यातायात पुलिस ने सभी बस चालकों से आग्रह किया कि वे यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पुलिस ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा में केवल एक व्यक्ति का ध्यान नहीं, बल्कि सभी का योगदान आवश्यक है।
यह कार्यवाही जिले में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि स्कूल बसों के संचालन में सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।



