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इलैक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों के मैटल को सुरक्षित करने के लिए शुरू हुई होड़

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बिजनेस डेस्कः धरती के बढ़ रहे तापमान पर काबू पाने के लिए दुनिया अब इलैक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ने लगी है और आने वाला दशक इलैक्ट्रिक वाहनों का दशक होने वाला है। इलैक्ट्रिक वाहनों के सेक्टर में बादशाहत कायम करने के लिए दुनिया भर के देशों में इलैक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में होने वाले लिथियम के भंडार को खुद के लिए सुरक्षित करने की होड़ शुरू हो गई है। अमरीका की वाहन कंपनी ने टेस्ला ने जहां लिथियम की सप्लाई के लिए कॉन्टेम्परेरी एम्प्रैक्स टैक्नॉलोजी कंपनी के साथ करार किया है तो जनरल मोटर्स ने भी लिथियम के भण्डार सुक्षित करने के लिए लाखों डॉलर के निवेश की घोषणा की है जबकि भारत भी लिथियम की जगह एल्युमिनियम की बैटरी विकसित करने पर काम कर रहा है।

जनरल मोटर्स ने सी.टी.आर. में किया निवेश
इस बीच अमरीका की बड़ी ऑटो कंपनी जनरल मोटर्स इलैक्ट्रिक व्हीकल्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लिथियम में बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया के कंट्रोल्ड थर्मल रिसोर्स (सी.टी.आर.) में रणनीतिक निवेश करने की घोषणा की है। सी.टी.आर. का लक्ष्य 2024 तक अमरीका का सबसे बड़ा थर्मल रिसोर्स बनने का है। कंपनी इस प्रोजैक्ट में लाखों डॉलर का निवेश करने जा रही है।

जनरल मोटर्स ने जिस हेल्स किचेन जिओथर्मल ब्राइन प्रॉजैक्ट में निवेश किया है वह कैलिफोर्निया के निकट सेल्टन समुंद्र तट के पास है। कैलिफोर्निया के एनर्जी कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल मोटर्स ने जिस प्रॉजैक्ट में निवेश किया है उसमें से हर साल 6 लाख टन लीथीयम का उत्पादन हो सकता है और इसकी अनुमानित कीमत 7.2 अरबा डॉलर रह सकती है। कंपनी का इरादा 2025 तक हर साल दस लाख इलैक्ट्रिक वाहन बेचने का है और कंपनी ने 2035 तक डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का निर्माण बंद करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले जनरल मोटर्स ने जून में 2025 तक इलैक्ट्रिक और अटॉनमस व्हीकल्स सेगमैंट में 35 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया था।

भारत एल्युमिनियम की बैटरी विकसित करेगा
इलैक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ रही दुनिया में लिथियम पर निर्भरता कम करने के लिए भारत ने एल्युमिनियम की बैटरी बनाने पर काम शुरू किया है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने एल्यूमिनियम की बैटरी विकसित करने के लिए इजारियल के स्टार्टअप फिनर्जी के साथ करार किया है। इंडियन ऑयल और फिनर्जी मिलकर एल्यूमिनियम की बैटरी की विकसित करेंगे। इलैक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाला लिथियम भारत में नहीं पाया जाता लेकिन देश के पूर्वी हिस्सों में एल्यूमिनियम का अच्छा ख़ासा भंडार है और यह एल्यूमिनियम इलैक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत एल्यूमिनियम के 10 बड़े उत्पादक देशों में से है और देश में 600 मिलियन टन का एल्यूमिनियम का भंडार है जो इलैक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता है।