Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण, 13 सुरक्षा गार्डों को मिला 2.91...

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण, 13 सुरक्षा गार्डों को मिला 2.91 लाख रुपए का बकाया वेतन

2
0

राजनांदगांव। मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्रमिकों के लिए समय पर वेतन मिलना सबसे बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में यदि मेहनत की कमाई ही रुक जाए, तो घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों के लिए ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ एक बड़ी उम्मीद की किरण साबित हुई है। श्रम विभाग की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से इन सुरक्षा गार्डों को कुल 2 लाख 91 हजार 754 रुपए का बकाया वेतन मिल गया है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक राहत मिली है।

वेतन न मिलने पर की थी हेल्पलाइन पर शिकायत
राजनांदगांव जिले में कार्यरत इन 13 सुरक्षा गार्डों को नियोजन पक्ष (नियोक्ता) द्वारा समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। लंबे समय से मेहनताना मिलने से परेशान होकर इन श्रमिकों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

श्रम विभाग ने की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आया। सहायक श्रम आयुक्त राजनांदगांव ने इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल मामले की जानकारी प्राप्त की। विभाग ने संबंधित नियोजन पक्ष से संपर्क कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। विभागीय पहल का ही परिणाम रहा कि कुछ ही समय के भीतर सभी 13 सुरक्षा गार्डों को उनके हक का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करा दिया गया। लंबे इंतजार के बाद अपनी मेहनत की कमाई हाथों में आते ही श्रमिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उनकी आर्थिक चिंताएं काफी हद तक कम हो गईं।

शासन की व्यवस्था पर बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली इस राहत ने आम नागरिकों और श्रमिकों का शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस सफल कार्रवाई के बाद श्रम विभाग राजनांदगांव द्वारा जिले के सभी श्रमिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें भी वेतन भुगतान में विलंब, बकाया वेतन अथवा अन्य किसी भी प्रकार की श्रम संबंधी समस्या का सामना करना पड़े, तो वे संबंधित विभाग या हेल्पलाइन के समक्ष बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें उनका पूरा अधिकार दिलाया जा सके।