राजनांदगांव। जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में आपसी कलह और पारिवारिक विवाद का एक बेहद खौफनाक अंत सामने आया है। छोटी-छोटी बातों पर आए दिन होने वाले झगड़ों से तंग आकर एक पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली। आरोपी ने पत्नी को घूमने के बहाने मोहारा नदी के पास ले जाकर शिवनाथ नदी के गहरे पानी में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल दाखिल कर दिया गया है।
साले के घर जाकर बताई पूरी बात
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सोनू बोरकर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका बहनोई मयूर मेश्राम उर्फ रिंकू (29 वर्ष, निवासी स्टेशन पारा, चौकी चिखली, थाना कोतवाली) उसके घर आया था। आरोपी ने प्रार्थी को बताया कि उसकी पत्नी (प्रार्थी की बहन) नीलम बहुत कच-कच करती है और छोटी-छोटी बातों पर आए दिन झगड़ा करती है।
इसी बात से परेशान होकर आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। गत 21 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 7 बजे आरोपी नीलम को मोहारा नदी घूमने जाने के बहाने बहला-फुसलाकर छोटे पुलिया के पास ले गया। वहां दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी मयूर ने जान से मारने की नीयत से नीलम को शिवनाथ नदी के गहरे पानी में धक्का दे दिया। पानी में डूबने से नीलम की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 501/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक एस.पी. तिवारी के दिशा-निर्देशन में तथा थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी की।
दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को आरोपी मयूर मेश्राम उर्फ रिंकू को पकड़कर हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने के पश्चात उसे जिला जेल राजनांदगांव दाखिल कर दिया गया।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई और खुलासे में निरीक्षक कौशलेश देवांगन, उपनिरीक्षक इब्राहिम खान, सहायक उपनिरीक्षक जीवराज रावटे, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, आरक्षक फागु साहू, दिलेश्वर गोड़, रूपेन्द्र वर्मा, राजेश बंदेश्वर एवं अन्य पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।



