जबलपुर में योग दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जबलपुर को विशेष पहचान देने वाली मां नर्मदा की पावन धरती पर आकर मुझे बहुत अच्छा लगा.
आज हम भारत के उस महान उत्सव को मना रहे हैं, जिसे मानव जीवन को सात्विक और संतुलित दिशा प्रदान की.
योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है.
विश्व की तमाम चुनौतियों के बीच योग शांति, संतुलन समरसता और सामूहिक कल्याणका का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
योग हमारे ऋषि-मुनियों के हजारों वर्ष की तपस्या और साधना की देन है.
आज आप सबके सामने मुझे योग करने का मौका मिला. बीमारी की रोकथाम में योग सबसे उपयोगी है.
योग व्यक्ति को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक है. योग मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है.
आज की आधुनिक जीवन शैली में बढ़ती बीमारियां हमारे लिए एक चुनौती हैं. योग समस्त मानव जाति के कल्याण का आधार है.
स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वच्छ समाज और स्वस्थ राष्ट्र बनाने के इस महान अभियान में अपना योगदान दें.
अनेक संस्था विश्व स्तर पर योग सिखाने का काम कर रही हैं. मैं लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करती हूं.



