UIDAI की यह सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप के जरिए कहीं से भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
आज के समय में आधार कार्ड भारत के लगभग हर जरूरी काम का हिस्सा बन चुका है. बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं और मोबाइल सिम तक, हर जगह आधार की जरूरत पड़ती है. लेकिन इसके बढ़ते इस्तेमाल के साथ आधार से जुड़ी धोखाधड़ी और बायोमेट्रिक डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ा है.
इसी समस्या से निपटने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक खास सुविधा उपलब्ध कराई है जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति अपने आधार की ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देख सकता है. इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आपका आधार कब, कहां और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया.
ऐसे चेक करें आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री
UIDAI की यह सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप के जरिए कहीं से भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
- सबसे पहले My Aadhaar पोर्टल पर जाएं.
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करके लॉगिन करें.
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP दर्ज करें.
- लॉगिन होने के बाद Authentication History ऑप्शन पर क्लिक करें.
- अब अपनी पसंद के अनुसार तारीख चुनें. आप पिछले 6 महीनों तक का रिकॉर्ड देख सकते हैं.
इसके बाद ऑथेंटिकेशन का प्रकार चुनें जैसे
Biometric
OTP
दोनों
सभी जानकारी भरने के बाद Submit पर क्लिक करें.
इसके बाद स्क्रीन पर एक विस्तृत रिपोर्ट दिखाई देगी जिसमें आधार के उपयोग से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध होगी.
रिपोर्ट में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री रिपोर्ट आपको आधार से जुड़े हर सत्यापन की जानकारी देती है. इसमें आप देख सकते हैं आधार का वेरिफाई किस माध्यम से हुआ जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या OTP.
ऑथेंटिकेशन की सटीक तारीख और समय.
किस संस्था, बैंक, टेलीकॉम कंपनी या सरकारी विभाग ने आधार का इस्तेमाल किया.
कोई ऐसा रिकॉर्ड जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हों.
यदि कोई अनजान गतिविधि दिखाई देती है तो यह संभावित धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है.
बायोमेट्रिक लॉक फीचर से बढ़ाएं सुरक्षा
UIDAI यूजर्स को अपने बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने की सुविधा भी देता है. इसमें फिंगरप्रिंट और आईरिस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित कर दी जाती है जिससे कोई भी व्यक्ति आपकी अनुमति के बिना इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता. यह सुविधा My Aadhaar पोर्टल और mAadhaar ऐप दोनों पर उपलब्ध है.
बायोमेट्रिक लॉक होने के बाद कोई भी फिंगरप्रिंट या आईरिस ऑथेंटिकेशन नहीं कर पाएगा. जरूरत पड़ने पर आप इसे अस्थायी रूप से अनलॉक कर सकते हैं और काम पूरा होने के बाद फिर से लॉक कर सकते हैं.
अगर दिखे कोई संदिग्ध गतिविधि तो क्या करें?
यदि ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री में कोई ऐसी एंट्री दिखाई देती है जिसे आपने अधिकृत नहीं किया है तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है.
तुरंत उठाएं ये कदम
- UIDAI हेल्पलाइन नंबर 1947 पर तुरंत संपर्क करें.
- UIDAI पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें.
- अपने बायोमेट्रिक डेटा को तुरंत लॉक कर दें.
- समय-समय पर ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करते रहें.
नियमित जांच से बच सकते हैं धोखाधड़ी से
आधार से जुड़ी जानकारी की निगरानी करना आज के डिजिटल दौर में बेहद जरूरी हो गया है. यदि आप समय-समय पर अपनी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करते हैं और बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग करते हैं तो पहचान की चोरी और डेटा के दुरुपयोग से काफी हद तक बचा जा सकता है. थोड़ी सी सतर्कता आपके व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.



