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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस दिन कर्मचारियों के साथ होगी महाबैठक…

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आठवें वेतन आयोग ने 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर के दौरे का एलान किया है. इस दौरे का मकसद कर्मचारी संघों की मांगों पर विचार करना है. ऐसे में इस पर सभी की नजर टिकी हैं.

बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच वेतन और पेंशन संशोधन के लिए कर्मचारी संगठनों के लगातार दबाव की वजह से आठवें वेतन आयोग को लेकर विचार-विमर्श तेज हो गया है.अब आठवां वेतन आयोग को लेकर बेहद जरूरी खबर आ रही है.  6 और 7 जुलाई को आठवां वेतन आयोग भुवनेश्वर, ओडिशा का दौरा करेगा और संगठनों, यूनियनों और कर्मचारी संघों से बातचीत करेगा. ये दौरा क्षेत्रीय वार्ताओं को मजबूत बनाने और वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़ी  मांगों को जानने के मकसद से किया जा रहा है.

26 मई को जारी एक सरकारी नोटिस में आयोग ने कहा कि भुवनेश्वर दौरे के दौरान आयोग से बातचीत करने के इच्छुक हितधारक 15 जून, 2026 या उससे पहले समय के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं. नोटिस में कहा गया है कि, संगठनों और यूनियनों को आयोग के सामने अपना प्रस्ताव दाखिल करने के बाद बने “अद्वितीय ज्ञापन आईडी” के साथ अपने अनुरोध प्रस्तुत करने होंगे.

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 8वां वेतन आयोग कर्मचारी प्रतिनिधियों और पेंशनभोगी निकायों से प्रतिक्रिया और मांगें जानने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में सुझाव का दायरा धीरे-धीरे बढ़ा रहा है. आयोग पहले ही दिल्ली में बैठकें कर चुका है और हाल के हफ्तों में लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर सहित कई अन्य शहरों के दौरे का भी एलान किया है.

सरकारी सूचना के अनुसार, हितधारक 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए से सूचना-पत्र पेश किया जा सकता हैं. सूचना-पत्र पेश करने की आखिरी तारिख 31 मई, 2026 है. सूचना में कहा गया है, ‘स्थान और बैठक की समय सारिणी की जानकारी अलग से दी जाएगी. साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग से बैठकें जरूरी समय पर आयोजित की जाएंगी.

कर्मचारी संघों ने आयोग के सामने रखी ये मांगें

  • उच्चतर उपयुक्तता कारक
  • महंगाई भत्ता (डीए) का मूल वेतन में विलय
  • परिवार इकाई सूत्र में संशोधन
  • पेंशन सुधार
  • और ओपीएस जैसे सुरक्षा उपाय

ऐसे में गौर करने वाली बात यह है कि, भुवनेश्वर की यह दौरा चर्चाओं का एक और जरूरी दौर बनने की उम्मीद है क्योंकि आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले स्थानीय टिप्पणी इकट्ठा करना जारी रखेगा.