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NEET UG 2026 Exam Cancelled: 9 सालों में 25 से ज्यादा परीक्षाएं रद्द!

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NEET UG 2026 Exam Cancelled: 2017 में बड़े एग्जाम की जिम्मेदारी उठाने के लिए NTA का गठन हुआ, लेकिन इसने नाकामी के नए आयाम बना दिए. NTA हर साल किसी न किसी पेपर लीक या परीक्षा रद्द के फैसले सुना रहा है.

3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया है. 2017 में NTA के गठन के बाद से संस्था किसी न किसी पेपर लीक या परीक्षा रद्द करने के लिए चर्चा में रहती है. शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2018 से 2024 तक NTA ने 16 बड़ी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. इसी कड़ी में ताजा मामला NEET UG 2026 का पेपर कैंसिल होना है. यानी NTA की नाकामी पर एक दाग और लग गया है. तो आइए जानते हैं कि 9 सालों से NTA किस तरह नाकाम हो रहा है…

NTA: बार-बार सवालों के घेरे में रहने वाली संस्था

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर 2017 में NTA के गठन को मंजूरी दी थी. इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाओं को पारदर्शी और कुशलतापूर्वक आयोजित करना था. आज यह संस्था JEE (मेन), NEET-UG, CUET-UG, UGC-NET और CSIR-NET जैसी तमाम राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं कराती है. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब NTA की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठी हैं. 2017 में अपने गठन के बाद से यह एजेंसी कई बार विवादों का केंद्र रही है.

NTA की आयोजित कितनी परीक्षाएं अब तक प्रभावित हुईं?

NTA का गठन 2017 के अंत में हुआ था, लेकिन उसने 2018 से परीक्षाएं आयोजित करनी शुरू कीं. जुलाई 2024 को संसद में शिक्षा मंत्रालय की दी गई जानकारी के मुताबिक, 2018 से 2024 तक NTA कम से कम 16 बड़ी परीक्षाओं को स्थगित कर चुका है. इनमें से कई परीक्षाएं कोविड-19 महामारी, प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से स्थगित की गई थीं, लेकिन बीते सालों में पेपर लीक और अनियमितताओं की वजह से परीक्षाएं रद्द होने की घटनाएं ज्यादा चर्चा में रही हैं. NTA ने 2024 तक 240 से अधिक परीक्षाओं का सफल आयोजन किया, जिसमें 5.4 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हुए.

तारीख परीक्षा का नाम कार्रवाई मुख्य कारण
19 जून 2024 UGC-NET रद्द परीक्षा की अखंडता से समझौता होने की आशंका
21 जून 2024 CSIR UGC NET स्थगित संसाधनों की कमी बताई गई
5 मई 2024 NEET UG 2024 विवादित पेपर लीक के आरोपों के बाद सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
8 जुलाई 2024 NEET UG 2024 सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक को स्वीकार किया, लेकिन दोबारा परीक्षा का आदेश नहीं दिया
3 मार्च 2026 UGC NET 2025 जांच के आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर में गलतियों की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने को कहा

यह लिस्ट सिर्फ हाल के बड़े विवादों की है. इसके अलावा भी कई अन्य परीक्षाएं हैं, जो कोविड, तकनीकी खामियों या प्रशासनिक कारणों से स्थगित की गईं. इनमें JEE-Main 2020, NEET-UG 2020, JEE-Main 2021 और NEET-UG 2021 जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं.

17 दिसंबर 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में घोषणा की कि ‘NTA 2025 से उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए केवल प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा, भर्ती परीक्षा नहीं.’ इसी दौरान जारी सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 2024 में NTA ने मात्र 29 परीक्षाएं आयोजित कीं, जो 2019 के बाद सबसे कम थीं. परीक्षार्थियों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई, जो 2023 के 1.33 करोड़ से घटकर 2024 में 85.78 लाख रह गई. 2025 में NTA के कामकाज में सुधार की बजाय, समस्याएं जारी रहीं:

  • JEE Main 2025 में गड़बड़ी: जनवरी 2025 में आयोजित JEE Mains परीक्षा में कम से कम 12 प्रश्नों को आंसर की में खामियों के कारण वापस लेना पड़ा.
  • UGC-NET का स्थगित: 13 जनवरी 2025 को NTA ने UGC-NET दिसंबर 2024 परीक्षा को मकर संक्रांति और पोंगल जैसे त्योहारों से टकराव के कारण स्थगित कर दिया. यह 15 जनवरी 2025 को होनी थी.
  • CUET UG का रद्द होना: 14 मई 2025 को NTA ने श्रीनगर के एक परीक्षा केंद्र पर CUET UG 2025 को तकनीकी खराबी के कारण रद्द कर दिया, जिससे 76 उम्मीदवार प्रभावित हुए.

2026 में आते-आते NTA की विफलताएं चरम पर पहुंच गईं, जिसका नतीजा NEET UG 2026 को रद्द किया जाना है. यह फैसला अचानक नहीं आया. पिछले कुछ सालों में NTA की परीक्षाओं में गड़बड़ी एक पैटर्न बन गई है.

वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति नहीं: NTA

दरअसल, राजस्थान में सामने आए एक बड़े पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET UG 2026 पेपर कैंसिल किया गया है. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जांच के दौरान पाया कि एक ‘गेस पेपर’ को लाखों रुपये में बेचा गया था, जिसके करीब 140 सवाल 3 मई को हुई वास्तविक NEET UG 2026 की परीक्षा से मिलते-जुलते थे.

NTA को 7 मई की शाम को इन अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके अगले ही दिन 8 मई 2026 को इस मामले को स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया. जांच एजेंसियों से मिली जानकारी और अपने स्तर पर की गई पड़ताल के बाद NTA इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ‘वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती’. अब NTA इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करेगा, जिसकी तारीखों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक चैनलों के माध्यम से किया जाएगा. छात्रों को कई राहतें दी गई हैं:

  • रजिस्ट्रेशन: दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को कोई नया फॉर्म नहीं भरना होगा. उनका पुराना डेटा ही इस्तेमाल किया जाएगा.
  • फीस: किसी भी छात्र से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा. साथ ही, जो फीस उन्होंने पहले जमा की थी, वह उन्हें वापस कर दी जाएगी.
  • जांच: भारत सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. NTA इस जांच में पूरा सहयोग करेगा.

NTA के खिलाफ कानूनी मोर्चा ने पकड़ा जोर

NTA की कार्यप्रणाली को अदालतों में भी चुनौती दी गई है. कई मामलों में न्यायपालिका ने एजेंसी को फटकार भी लगाई है. इनमें:

  • सुप्रीम कोर्ट में मामला: NEET UG 2024 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एक बात साफ है कि पेपर लीक हुआ, इसमें कोई शक नहीं.’ हालांकि, अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बंद कर दिया. लेकिन ऐसा तब हुआ जब केंद्र सरकार ने एक एक्सपर्ट पैनल के सुझाए गए सुधारों को लागू करने का आश्वासन दिया.
  • हाईकोर्ट में याचिकाएं: 2025 और 2026 में  भी NTA के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई. JEE 2025 की रिस्पॉन्स शीट में गड़बड़ी और NEET UG 2025 की OMR शीट से छेड़छाड़ के आरोपों वाली याचिकाओं को अदालतों ने खारिज कर दिया. वहीं, UGC NET 2025 के एक पेपर में गलतियों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने NTA को जांच के आदेश दिए.

NTA पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

NTA की विफलता सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई आयाम हैं:

  1. पेपर लीक और भ्रष्टाचार: यह सबसे गंभीर आरोप है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. 2024 के NEET UG मामले में झारखंड के हजारीबाग और बिहार के पटना से पेपर की तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए सर्कुलेट किया गया था. कुछ उम्मीदवारों ने 30-50 लाख रुपये तक चुकाकर पेपर खरीदने की बात स्वीकार की थी. अब 2026 में भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं.
    2. लगातार हो रही चूक: 2024 में UGC-NET परीक्षा रद्द करनी पड़ी, CSIR-NET स्थगित हुई और NEET UG का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. इसके बाद भी 2026 में फिर से वही स्थिति पैदा होना NTA की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
    3. सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल: NTA का दावा है कि वह AI-असिस्टेड CCTV, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और GPS-ट्रैक्ड वाहनों जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करता है. लेकिन जब इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद पेपर लीक होते हैं, तो जाहिर है कि या तो ये इंतजाम कागजों पर ही हैं, या फिर जिम्मेदारी के लायक नहीं है.
    4. नेतृत्व और जवाबदेही की कमी: विपक्ष और छात्र संगठन लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि बार-बार की गलतियों के बावजूद NTA के टॉप अधिकारियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.

अब छात्रों के लिए आगे क्या होगा?

NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर भरोसा करें. यह एजेंसी के लिए एक बड़ी परीक्षा है. इसे न सिर्फ नए सिरे से पारदर्शी तरीके से परीक्षा करानी होगी, बल्कि उन 23 लाख छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा भी जीतना होगा, जिनके सपने और मेहनत दांव पर लगी हैं.

NTA ने 2018 से अब तक 240 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें 5.4 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल हुए हैं. एक तरफ यह बड़ी उपलब्धि भी है, लेकिन जिस बुनियादी भरोसे पर पूरा एग्जाम सिस्टम टिका है, उसका बार-बार टूटना बेहद चिंताजनक है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कई परीक्षाओं का रद्द होना और हर साल कोई न कोई नया विवाद यह दिखाता है कि NTA को अपनी कार्यशैली में बड़े और सख्त सुधारों की सख्त जरूरत है.