LPG Import Halts: 28 फरवरी से ईरान में जंग शुरू होने के बाद से भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात में गिरावट देखी जा रही है, जो अप्रैल तक मात्र 9.5 लाख टन तक रह गया.
भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात में ईरान वॉर से गिरावट
ईरान-अमेरिका और इजरायल में जंग और इसके चलते मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का कुछ ऐसा असर हुआ कि मार्च 2026 से भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात में गिरावट आई है. भारत LPG की जरूरतों का 60 परसेंट हिस्सा आयात करता है. ऐसे में होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी से सप्लाई में बड़े पैमाने पर रुकावटें आ रही हैं.
फरवरी 2026 तक भारत हर महीने लगभग 20 लाख टन LPG आयात करता था, जो मार्च में घटकर 11 लाख टन और अप्रैल में मात्र 9.5 लाख टन तक रह गया. लगातार बनी अनिश्चितता और इस बात पर स्पष्टता की कमी के चलते कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही कब युद्ध से पहले की तरह सामान्य होगी, भारत के सामने LPG सप्लाई की चुनौती अभी खत्म होने से कोसों दूर है और ऐसा लगता है कि आने वाले समय में भी सप्लाई की कमी बनी रहेगी.
LPG की सप्लाई पर संकट
ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट एक ऐसा समुद्री रास्ता है, जिससे होकर आमतौर पर दुनिया भर के पेट्रोलियम का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान और मिडिल ईस्ट में जैसे-जैसे तनाव गहराता गया, वैसे-वैसे इस रास्ते जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई, जो अब नाममात्र की रह गई है.
ईरान में जंग शुरू होने से पहले जहां इस रास्ते से होकर रोजाना 130-140 जहाज गुजरते थे. वहीं, अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है. इस रुकावट ने भारत सहित ऊर्जा का आयात करने वाले कई देशों के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है. इससे क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई पर भी असर पड़ा है, लेकिन LPG की सप्लाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.
तेजी से घट रहा LPG का आयात
कमोडिटी मार्केट एनालिटिक्स फर्म Kpler के वेसल ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 2025-26 के शुरुआती 11 महीनों — अप्रैल से फरवरी — में भारत का LPG आयात औसतन लगभग 2 मिलियन टन प्रति माह रहा.डेटा से पता चलता है कि मार्च में LPG आयात गिरकर 1.1 मिलियन टन रह गया और अप्रैल में यह और घटकर 0.95 मिलियन टन हो गया.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस रुकावट की वजह से भारत को औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहकों के लिए LPG सप्लाई को सीमित करना पड़ा है ताकि उन करोड़ों परिवारों को प्राथमिकता दी जा सके जो अपनी रसोई चलाने के लिए इस ईंधन पर निर्भर हैं. भारत में 33 करोड़ से ज्यादा ऐसे परिवार हैं, जिनके पास LPG कनेक्शन हैं. मांग को काबू में रखने के लिए एक उपाय के तौर पर, परिवारों द्वारा LPG रीफिल बुक करने के बीच का न्यूनतम अंतराल भी बढ़ा दिया गया है.
कितना घटा इम्पोर्ट?
| महीना | LPG का आयात (लाख टन में) | खपत में गिरावट | वजह |
| फरवरी 2026 | 20.0 | 0% सामान्य | जंग से पहले की स्थिति |
| मार्च 2026 | 11.0 | 13% की गिरावट | होर्मुज की नाकेबंदी से इम्पोर्ट रह गया आधा |
| अप्रैल 2026 | 0.95 | 16.2% की गिरावट | इम्पोर्ट अब तक के सबसे निचले स्त पर पहुंचा |



