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सरकार की इच्छाशक्ति और जनता का आक्रोश…ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के पीछे थे ये 2 अहम फैक्ट्स…

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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के पीछे सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और आतंकवाद के खिलाफ जनता का गुस्सा सबसे बड़े कारण रहे. भारत ने 88 घंटे में पाकिस्तान को सीजफायर के लिए मजबूर कर दिया. सेना को खुली छूट, सटीक हमले, स्वदेशी तकनीक और पूरे देश से मिले समर्थन ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता दिलाई.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने तेजी, सटीकता और रणनीति के साथ जवाब दिया. ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति का बड़ा संदेश भी था. इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे दो सबसे अहम फैक्ट रहे. पहला सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और पूरे देश का एकजुट आक्रोश. इन्हीं दोनों कारणों से भारत ने पाकिस्तान को सिर्फ 88 घंटे में सीजफायर के लिए मजबूर कर दिया.

  1. सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और साफ रणनीति

ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी ताकत भारत सरकार का स्पष्ट और सख्त रुख था. सरकार ने सेना को बिना किसी हिचक के खुली छूट दी. सेना को साफ निर्देश दिए गए कि आतंकियों और उनके मददगारों को निशाना बनाना है, लेकिन किसी भी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया. इन ठिकानों का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन करते थे. इसके अलावा सियालकोट, बहावलपुर और नूर खान एयरबेस जैसे अहम सैन्य ठिकाने भी भारत की जद में आए.

इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. इनमें IC-814 विमान हाईजैकिंग से जुड़ा यूसुफ अजहर और पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी भी शामिल थे. भारत ने सिर्फ पीओके तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पाकिस्तान के अंदर तक कार्रवाई की.

सरकार ने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान को घेरने की रणनीति अपनाई. भारत ने दुनिया के कई देशों में डेलिगेशन भेजकर आतंकवाद के खिलाफ अपना पक्ष मजबूती से रखा और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश की.

  1. जनता का आक्रोश और पूरे देश का साथ

ऑपरेशन सिंदूर की दूसरी सबसे बड़ी ताकत थी देशभर में आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा और लोगों का एकजुट समर्थन. इस ऑपरेशन में सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि सरकार, निजी कंपनियां, स्टार्टअप और कई सरकारी एजेंसियां भी साथ काम करती नजर आईं.

इसरो ने सेना को लगातार सैटेलाइट निगरानी और हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें उपलब्ध कराईं. वहीं निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स ने ड्रोन, सुसाइड ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैयार किए. iDEX फ्रेमवर्क के जरिए कई तकनीकी समाधान रियल टाइम में सेना तक पहुंचाए गए.

इंडियन एयरफोर्स ने राफेल लड़ाकू विमान, स्कैल्प मिसाइल और हैमर बम का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को जाम कर दिया और सिर्फ 23 मिनट में मिशन पूरा कर लिया. इसके बाद भारत ने 11 बड़े एयरबेस पर हमला कर पाकिस्तान की वायु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया. ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और असरदार कार्रवाई करने की पूरी क्षमता रखता है.