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सम्राट ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए की जातीय संतुलन बनाने की कोशिश, आधी आबादी को मिली सरकार में भागीदारी…

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। सम्राट मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में 32 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल विस्तार में जहां पुराने मंत्रिमंडल में शामिल कई सदस्यों को फिर से शामिल किया गया, वहीं कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।

पटना, 7 मई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। सम्राट मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में 32 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल विस्तार में जहां पुराने मंत्रिमंडल में शामिल कई सदस्यों को फिर से शामिल किया गया, वहीं कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।

सबसे गौर करने वाली बात यह है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय संतुलन बनाने की कोशिश की गई है, वहीं महिलाओं को भी तरजीह दी गई है। नए मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 15 नेताओं को मंत्री बनाया गया, जबकि जदयू के खाते में 13 मंत्री गए। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो नेताओं को मंत्री बनाया गया, वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री बनाए गए। मंत्रिमंडल में महिलाओं को भी महत्व दिया गया है।

महिला प्रतिनिधित्व की बात करें तो सम्राट कैबिनेट में कुल पांच महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा तीन महिला मंत्री जदयू से हैं। जदयू की ओर से जहां लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता और शीला को मंत्री बनाया गया, वहीं भाजपा ने रमा निषाद और श्रेयसी सिंह को मौका दिया।

अगर जातीय समीकरण को देखा जाए तो सभी जातियों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। सम्राट मंत्रिमंडल में राजपूत समाज से सबसे ज्यादा चार नेताओं को जगह मिली है, इनमें संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह और एलजेपी(आर) से संजय सिंह को स्थान दिया गया है जबकि भूमिहार और ब्राह्मण समाज के लोगों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।

इसके अलावा मंत्रिमंडल में बिहार के सबसे बड़े वोट बैंक माने जाने वाले अति पिछड़ा वर्ग को साधने पर विशेष जोर दिया गया है। रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, रामचंद्र प्रसाद, मदन सहनी, दामोदर रावत, बुलो मंडल और शीला मंडल को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जबकि वहीं वैश्य समाज से दिलीप जायसवाल, केदार गुप्ता, अरुण शंकर प्रसाद और श्वेता गुप्ता को जगह मिली है।

इसके अलावा दलित समुदाय से भाजपा और जदयू ने लखेंद्र पासवान, नंद किशोर राम, सुनील कुमार, रत्नेश सदा और अशोक चौधरी को जगह दी है, वहीं एलजेपीआर से संजय पासवान और हम पार्टी से संतोष कुमार सुमन भी दलित चेहरा हैं। मुस्लिम समाज से आने वाले जमा खान को एक बार फिर मंत्रिमंडल में स्थान मिला है, जबकि यादव समाज के चेहरे के रूप में रामकृपाल यादव मंत्रिमंडल में शामिल हैं।