एनडीए दिल्ली से लेकर चेन्नई तक मजबूत स्थिति में है. केंद्र में जहां एनडीए गठबंधन की सरकार है, वहीं तमिलनाडु विधानसभा में उसके 53 विधायक हैं. इसके बावजूद 5 सीटों वाली कांग्रेस से एक्टर विजय ने समर्थन मांगा है. सवाल उठ रहा है कि विजय ने ऐसा क्यों किया है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद एक्टर विजय की पार्टी टीवीके ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. 234 विधानसभा सीटों वाली तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 117 विधायकों की जरूरत होती है. हालिया चुनाव में विजय की पार्टी को 107 सीटों पर जीत मिली, जो बहुमत के जादुई आंकड़ों से 10 कम था. इसके बाद टीवीके ने कांग्रेस से समर्थन मांगा. दिलचस्प बात है कि तमिलनाडु में कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली है.
दूसरी तरफ 53 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली एनडीए गठबंधन की पार्टियां भी टीवीके को समर्थन देने के लिए तैयार थीं, लेकिन टीवीके ने उन दलों को तरजीह नहीं दी. वो भी तब, जब केंद्र में एनडीए की सरकार है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एनडीए को इग्नोर कर टीवीके ने कांग्रेस का हाथ क्यों थामा है?
तमिलनाडु विधानसभा का समीकरण
चुनाव आयोग के मुताबिक तमिलनाडु की 234 में से 108 सीटों पर टीवीके को जीत मिली है. एक्टर विजय ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है. ऐसे में उन्हें बहुमत साबित करने से पहले एक पद से इस्तीफा देना होगा. इस स्थिति में तमिलनाडु की विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सीटों की जरूरत होगी.
कांग्रेस और उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम को 7 सीटों पर जीत मिली है. इसके अलावा सीपीआई और सीपीएम को 2-2 सीटों पर जीत मिली है. यानी इन 11 सीटों के बूते आसानी से विजय की सरकार बन जा रही है.
चुनाव में डीएमके को 59, AIADMK को 47 सीटों पर जीत मिली है. पीएमके ने 4 और बीजेपी ने भी एक सीट पर जीत दर्ज की है. वीसीके को 2 सीटों पर जीत मिली है. इसके अलावा डीएमडीके और अन्ना मक्कल को 1-1 सीटों पर जीत मिली है.
विजय ने कांग्रेस का हाथ क्यों थामा है?
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक्टर विजय ने एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बीजेपी मेरा वैचारिक विरोधी है. डीएमके और एआईडीएमके राजनीतिक विरोधी है. चुनाव से पहले एक्टर विजय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश की थी. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने उस वक्त इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.
- एक्टर विजय एआईडीएमके साथ गठबंधन नहीं चाहते हैं. बीजेपी फिलहाल उसी के साथ गठबंधन में है. अकेले बीजेपी के पास सिर्फ तमिलनाडु की एक सीट है. यानी बीजेपी को साथ लाने से भी उनका हित नहीं सध रहा है. इसलिए विजय ने बीजेपी से दूरी बना ली.
- तमिलनाडु में कांग्रेस का मजबूत जनाधार है. कांग्रेस को इस चुनाव में 16 लाख वोट मिले हैं. वहीं बीजेपी को 14 लाख वोट मिले हैं. तमिलनाडु में कांग्रेस के पास 9 सांसद हैं. कांग्रेस के साथ आने से आने वाले समय में तमिलनाडु की लड़ाई में विजय मुख्य धारा में बने रहेंगे.
- विधानसभा चुनाव के बाद टीवीके की नजर लोकसभा चुनाव पर है. तमिलनाडु में 2024 में कांग्रेस के साथ मिलकर डीएमके गठबंधन ने सभी 39 सीटों पर जीत हासिल की थी. विजय भी इसी तरह का परफॉर्मेंस खुद की पार्टी के लिए चाहते हैं.
डीएमके ने इसे पीठ में छुरा घोंपना बताया
कांग्रेस के समर्थन को लेकर डीएमके ने सवाल उठाया है. डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलांगोवन ने कहा कि यह पीठ में छुरा घोंपने जैसा है. कांग्रेस हमारे साथ चुनाव लड़ी है और अब टीवीके के साथ सरकार बनाने जा रही है. वहीं कांग्रेस सांसद जोथिमनी का कहना है कि डीएमके 2014 में हमारे साथ ऐसा कर चुकी है. यह एक राजनीतिक कदम है. इसको लेकर सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है.



