West Bengal Election 2026 SIR Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक 3 हफ्ते पहले राज्य ‘वोटर लिस्ट’ की आग में सुलग उठा है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के विरोध में गुरुवार को बंगाल के कई जिलों में उग्र प्रदर्शन हुए. मालदा के कालियाचक में जजों को बंधक बनाने की घटना के अगले ही दिन प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर नेशनल हाई-वे को जाम कर दिया. इससे उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क घंटों कटा रहा.
जिलों से ग्राउंड रिपोर्ट : कहां-कहां भड़की आग?
मालदा (जदुपुर और मंगलबाड़ी): इंग्लिश बाजार के जदुपुर में प्रदर्शनकारियों ने दस्तावेजों के साथ प्रदर्शन किया. उनका सवाल था- कागज सही होने के बाद भी नाम क्यों कटे? मंगलबाड़ी में 4 घंटे तक सड़क जाम रही, जिसे एडीएम के आश्वासन के बाद खोला गया.
जलपाईगुड़ी (मयनागुड़ी) : हुसुलडांगा में नेशनल हाईवे-27 को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं को जान-बूझकर सूची से बाहर किया जा रहा है.
कूचबिहार (माथाभंगा) : मदरसा मोड़ पर ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे तक सड़क जाम रखी. विरोध की लहर पचगढ़ ग्राम पंचायत तक फैल गयी.
पूर्वी बर्धमान (शक्तिगढ़) : यहां के लोगों ने शोर-शराबे की बजाय ‘मौन मार्च’ निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और गायब नामों को तुरंत जोड़ने की मांग की.
ममता बनर्जी का आरोप : राष्ट्रपति शासन की तैयारी
इन प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह सब बंगाल में अशांति फैलाने के लिए रचा गया एक ‘बड़ा षड्यंत्र’ है. ममता का दावा है कि भाजपा इन दंगों और प्रदर्शनों की आड़ में चुनाव से पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की राह देख रही है.
West Bengal Election 2026 SIR Protest: NH-12 पर भारी तनाव, जजों की सुरक्षा बढ़ी
कलकत्ता-सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले लाइफलाइन NH-12 पर बुधवार से जारी नाकाबंदी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. कालियाचक कांड के बाद, जहां 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया था, अब पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारी अब भी अड़े हैं कि जब तक हर वैध वोटर का नाम लिस्ट में नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा.



