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CG: फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर ठगी करने वाले संचालक व डायरेक्टर गिरफ्तार…

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👉 आरोपियों द्वारा “लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो” का संचालन कर युवतियों के फर्जी फोटो डाउनलोड कर फर्जी आईडी बनाकर युवकों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज व फैमिली मीटिंग के नाम पर अधिक से अधिक राशि लेकर धोखाधड़ी की जाती थी।

👉 आरोपियों के कब्जे से 07 नग एंड्रॉइड मोबाइल, 14 नग की-पैड मोबाइल तथा 09 नग रजिस्टर/कॉपी पुलिस द्वारा जप्त किये गये।

👉 आरोपियों के बैंक खाते का विगत 01 वर्ष का स्टेटमेंट प्राप्त करने पर युवक-युवतियों से कुल ₹37,69,000/- का लेन-देन पाया गया।

👉आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

👉 प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

आरोपी

1 नेहा पाठक, पिता शंकरनाथ पाठक, उम्र 23 वर्ष

निवासी – लेबर कॉलोनी, वार्ड नं. 17, थाना सिटी कोतवाली, जिला राजनांदगांव।

2 धर्मेन्द्र मानिकपुरी, पिता स्व. कमल दास मानिकपुरी, उम्र 32 वर्ष

निवासी – ग्राम जंगलपुर, थाना पण्डातराई, जिला कबीरधाम जिला, हाल मुकाम – रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी, राजनांदगांव, थाना बसंतपुर।

मामले का संक्षिप्त विवरण

अज्ञात सूत्रों से पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री  अंकिता शर्मा को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बसंतपुर क्षेत्रांतर्गत सृष्टि कॉलोनी, राजनांदगांव में “लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो” के नाम से कार्यालय संचालित कर युवकों से ठगी की जा रही है।

प्रारंभिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन द्वारा की गई। जांच में अपराध पाए जाने पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 135/2026 धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की गई।

थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू द्वारा टीम के साथ कार्यवाही करते हुए मौके से 07 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 की-पैड मोबाइल जप्त किए गए। मोबाइल की जांच में कुल 2286 युवतियों के फोटो डाउनलोड पाए गए, जिनसे फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों को भेजा जाता था।

आरोपियों से पूछताछ में यह भी पाया गया कि रजिस्ट्रेशन, पैकेज एवं मीटिंग के नाम पर युवकों से 30 से 40 हजार रुपये तक की राशि ली जाती थी तथा बाद में किसी कारण का बहाना बनाकर संपर्क बंद कर दिया जाता था।

इस प्रकार आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से ठगी करना पाए जाने पर उनके विरुद्ध धारा 318(4), 61(2), 112(2), 319, 336(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत अपराध पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

सराहनीय भूमिका

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक देवदास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, कुश बघेल, अतहर अली एवं आशीष मानिकपुरी की सराहनीय भूमिका रही।

अपील

राजनांदगांव पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के माध्यम से मिलने वाले विवाह प्रस्तावों पर बिना सत्यापन के पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाना को दें।