जब से ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका ने वॉर शुरू की है. उसके बाद से अमेरिका में फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. जानकारी के अनुसार बीते एक महीने में अमेरिका में पेट्रोल के दाम में 1 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है.
इसका मतलब है कि जब से वॉर शुरू हुआ है, तब से ट्रंप के देश में पेट्रोल की कीमतों में करीब 25 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है. जबकि भारत में आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम में बिल्कुल भी इजाफा देखने को नहीं मिला है. दिल्ली और लखनऊ में पेट्रोल की कीमतें अभी भी 100 रुपए लीटर से कम देखने को मिल रही है. जबकि अमेरिका में पेट्रोल के दाम 100 रुपए प्रति लीटर के काफी करीब पहुंच गए हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर अमेरिका में पेट्रोल के दाम को लेकर किस तरह के आंकड़े साामने आए हैं.
अमेरिका में कितनी हुई एक लीटर पेट्रोल की कीमत?
ईरान वॉर के बीच ग्लोबल लेवल पर फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 2022 के बाद पहली बार औसतन चार डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई है. वाहन कंपनियों के संघ एएए के अनुसार, रेगुलर पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 4.02 डॉलर प्रति गैलन हो गई है जो वॉर शुरू होने से पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है. इससे पहले रूस के यूक्रेन पर हमला करने के दौरान करीब चार वर्ष पहले अमेरिका में पेट्रोल इतना महंगा हुआ था. एएए के अनुसार, डीजल अब औसतन 5.45 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन पर बिक रहा है, जो युद्ध शुरू होने से पहले लगभग 3.76 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन था. डीजल का इस्तेमाल कई मालढुलाई और डिलिवरी ट्रक में ईंधन के रूप में किया जाता है. आपको बता दें कि मौजूदा समय में एक गैलन में 3.78541 लीटर होते हैं. साथ ही 4.02 डॉलर को रुपए में देखें तो 377.77 रुपए हो जाएंगे. इसका मतलब है कि अमेरिका में एक लीटर पेट्रोल की औसत कीमत 99.79 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी.
एक महीने में कितना हुआ इजाफा
जैसा कि जानकारी दी गई है कि अमेरिका में एक गैलन पेट्रोल की कीमत में 1 डॉलर से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है. मौजूदा समय में एक डॉलर वैल्यू 94 रुपए है. इसका मतलब है कि अमेरिका में एक गैलन में 95 रुपए का इजाफा हो गया होगा. इसका मतलब है कि एक लीटर पेट्रोल की कीमत में करीब 25 रुपए प्रति लीटर केा इजाफा हो गया होगा. जोकि किसी भी लिहाज से कम नहीं है. ये इजाफा तब हुआ है, जब अमेरिका अपने तेल को एक्सपोर्ट भी करता है. साथ ही प्रोडक्शन भी लगातार बढ़ रहा है. उसके बाद भी अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी देखने को मिली है. अमेरिका और इजराइन के 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और बढ़ोतरी हुई है. कच्चा तेल, पेट्रोल का मुख्य घटक है. इस संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुए हैं और पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल उत्पादकों ने उत्पादन में कटौती भी की है जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है.
दिल्ली और दिल्ली-लखनऊ से कितना हुआ महंगा?
अगर बात अमेरिका के पेट्रोल की कीमतों को दिल्ली और लखनऊ में पेट्रोल की कीमतों से तुलना करें तो देश के इन दो प्रमुख शहरों में काफी सस्ता पेट्रोल है. आईओसीएल के आंकड़ों को देखें तो देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 94.77 रुपए प्रति लीटर हैं. जोकि अमेरिकी पेट्रोल की औसत कीमत से 5 रुपए प्रति लीटर सस्ता है. वहीं बात लखनऊ की करें तो यहां पर पेट्रोल के दाम 94.73 रुपए प्रति लीटर देखने को मिल रहे हैं. तो यहां भी पेट्रोल की कीमतें अमेरिकी दाम से 5 रुपए प्रति लीटर कम देखने को मिल रही हैं.



