खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (छठा दिन राउंडअप)
जगदलपुर में बेमौसम बारिश के कारण एथलेटिक्स का शाम का सत्र रद्द
कुश्ती में दो स्वर्ण के साथ कर्नाटक ने पदक तालिका में 17 स्वर्ण के साथ बढ़त मजबूत की
पहलवान मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीतकर बिहार का खाता खोला

अरुणाचल प्रदेश की मिडिल-डिस्टेंस धाविका नेडी न्गी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, जबकि महाराष्ट्र ने पुरुष वर्ग में शानदार 1-2 स्थान हासिल किया। वहीं, बेमौसम बारिश के कारण सोमवार को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के छठे दिन एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के उद्घाटन दिन का शाम का सत्र रद्द करना पड़ा। नेडीन्गी ने अधिकांश दौड़ में खुद को संयमित रखा और अंतिम 200 मीटर में जोरदार स्प्रिंट लगाते हुए 18:24.66 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के गोविंद पाडेकर (15:11.35 सेकंड) और सूरज माशी (15:11.64 सेकंड) ने बेहतरीन तालमेल के साथ दौड़ते हुए क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते।
नेडीन्गी ने दौड़ के बाद साई मीडिया से कहा, “मैं अकादमियों पर ध्यान देने के बाद वापसी कर रही हूं और यहां स्वर्ण पदक जीतकर बेहद खुश हूं। अब जब मेरी ग्रेजुएशन पूरी हो गई है, तो मैं नेशनल कैंप में जगह बनाने और आगे चलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में चयनित होने पर ध्यान देना चाहती हूं।”
अरुणाचल प्रदेश की नेडी न्गी के स्वर्ण पदक जीतने से राज्य ने पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया, जहां उसके खाते में अब छह स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हो गए हैं।
अंबिकापुर में कुश्ती से मिले दो स्वर्ण पदकों के साथ कर्नाटक ने तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। रोहन डोड्डामनी ने स्विमिंग पूल के बाहर कर्नाटक का पहला स्वर्ण पदक दिलाया, जब उन्होंने 60 किग्रा ग्रीको-रोमन फाइनल में राजस्थान के दिनेश सोलंकी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया।
इसके बाद मनीषा ने दिन का समापन करते हुए हिमाचल प्रदेश की मुस्कान को कड़े मुकाबले में 12-8 से हराकर कर्नाटक के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। कर्नाटक के अब कुल 17 स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदक हो गए हैं। ओडिशा नौ स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।

वहीं, मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में राजस्थान के राकेश मीणा को एकतरफा मुकाबले में हराकर बिहार को दिन का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। कर्नाटक के केवी केम्प्पन्नावर ने इस वर्ग में कांस्य पदक जीता।
रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पसंदीदा टीम ओडिशा ने फाइनल में जगह बनाते हुए मिजोरम से मुकाबला तय किया। सेमीफाइनल में ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 8-0 से हराया, जबकि मिजोरम ने झारखंड को 3-2 से मात दी।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा मुकाबले का रोमांच
खिलाड़ियों ने जीत के लिए लगाया दम

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया।
कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।
इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: संघर्षों की भट्ठी में तपकर सोना बने झारखंड के अंजित मुंडा, कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
भारतीय सेना में ‘अग्निवीर‘ के रूप में दे रहे हैं सेवाएं

कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा।
भारतीय सेना में ‘अग्निवीर‘ के रूप में दे रहे हैं सेवाएं
अंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन ‘अग्निवीर जीडी’ के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं।
जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच
अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।”
उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद
पूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की।
बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया।
अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई।
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।



