मार्च का महीना खत्म होने को है और नया वित्त वर्ष दस्तक दे रहा है. ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम है, तो आपको अपनी योजना तुरंत बदलनी पड़ सकती है. 30 मार्च से लेकर 5 अप्रैल 2026 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक लगातार कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं.
इस पूरे हफ्ते में कुल 6 दिन ऐसे हैं, जब किसी न किसी राज्य में बैंकों के शटर नहीं खुलेंगे. महावीर जयंती से लेकर गुड फ्राइडे और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के कारण छुट्टियों की यह लंबी कतार लगी है.
किस दिन और कहां लटका रहेगा ताला?
छुट्टियों का यह सिलसिला 30 मार्च (सोमवार) से ही शुरू हो रहा है, जब कर्नाटक में महावीर जयंती के उपलक्ष्य में बैंकों में कामकाज नहीं होगा. इसके ठीक अगले दिन, 31 मार्च (मंगलवार) को महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों में बैंक कर्मचारियों की छुट्टी रहेगी.
जैसे ही नया महीना शुरू होगा, 1 अप्रैल (बुधवार) को ‘अकाउंट्स क्लोजिंग डे’ (खाता बंदी दिवस) के कारण पूरे देश के अधिकांश राज्यों में बैंक आम जनता के लिए बंद रहेंगे. इसके बाद 2 अप्रैल (गुरुवार) को मौंडी थर्सडे के कारण केवल केरल में बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी. 3 अप्रैल (शुक्रवार) को गुड फ्राइडे का अवसर है, जिस कारण देश के कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से ठप रहेंगी. अंत में 5 अप्रैल (रविवार) को नियमित साप्ताहिक अवकाश रहेगा. शनिवार को थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि बैंक आमतौर पर दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं, इसलिए इस हफ्ते शनिवार को कामकाज होने की पूरी उम्मीद है.
ब्रांच बंद होने पर भी नहीं रुकेगा आपका काम
बैंक शाखाओं पर ताला लटके होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपकी जिंदगी रुक जाएगी. आज के डिजिटल युग में राहत की बात यह है कि आपकी जेब में ही आपका बैंक मौजूद है. इन 6 दिनों की बंदी के बावजूद इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप और एटीएम सेवाएं हमेशा की तरह काम करती रहेंगी. आप घर बैठे आसानी से अपने बिलों का भुगतान और पैसों का लेन-देन कर सकते हैं.
कैसे तय होती हैं आपके शहर की छुट्टियां?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों की छुट्टियों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जाता है: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) हॉलिडे और बैंक खातों की क्लोजिंग. चूंकि भारत विविधताओं का देश है, इसलिए कई छुट्टियां पूरी तरह से स्थानीय त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों पर निर्भर करती हैं. यही वजह है कि किसी एक दिन एक राज्य में बैंक बंद हो सकता है, जबकि उसी दिन दूसरे राज्य में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा हो.



