👉 थाना बसंतपुर, राजनांदगांव पुलिस द्वारा सराहनीय एवं मानवीय कार्यवाही।
👉 सज्जन नागरिक की सूचना पर मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
👉 उक्त युवती विगत 08 दिनों से अपने गृहग्राम से बाहर रहकर भटक रही थी।
👉 अपनी पुत्री को सकुशल पाकर परिजनों द्वारा राजनांदगांव पुलिस के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
👉 राजनांदगांव पुलिस आम नागरिकों से इसी प्रकार सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील करती है।

घटना का विवरण इस प्रकार है :
दिनांक 13.03.2026 को रात्रि लगभग 10:30 बजे श्री धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर पिता रामजी ठाकुर, उम्र 33 वर्ष, निवासी राजीवनगर, थाना बसंतपुर, जिला राजनांदगांव द्वारा डायल-112 पर सूचना दी गई कि एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती जिला अस्पताल मंडी के पास बैठी हुई है।
सूचना प्राप्त होने पर डायल-112 के आरक्षक रविकांत धृतलहरे एवं चालक द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर सूचनाकर्ता धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर के सहयोग से उक्त युवती को सुरक्षित थाना बसंतपुर लाया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू द्वारा युवती को थाना परिसर में भोजन उपलब्ध कराते हुए उसके संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। पूछताछ के दौरान युवती ने अपना नाम हरिता, पिता धुलेन्द्र हल्बा, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम अण्डी, थाना डौण्डी लोहारा, जिला बालोद बताया।
इसके पश्चात तत्काल कंट्रोल रूम राजनांदगांव के माध्यम से थाना डौण्डी लोहारा का संपर्क प्राप्त कर ग्राम अण्डी के कोटवार पूनाराम से संपर्क किया गया। पूछताछ में जानकारी मिली कि उक्त युवती ग्राम अण्डी की ही रहने वाली है तथा पूर्व में भी कई बार अपने माता-पिता को बिना बताए घर से कहीं चली जाती है। इस संबंध में संपूर्ण जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन एवं निर्देश प्राप्त होने पर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू द्वारा युवती हरिता को पुलिस स्टाफ के माध्यम से रात्रि 1 बजे मे ही सकुशल उसके गृहग्राम अण्डी, जिला बालोद पहुंचाकर उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
अपनी पुत्री को सकुशल पाकर श्रीमती भगवती ठाकुर द्वारा राजनांदगांव पुलिस की इस मानवीय कार्यवाही की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक महोदया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
उक्त कार्यवाही में निरीक्षक एमन साहू (थाना प्रभारी बसंतपुर), सउनि. मनमोहन साहू, आरक्षक अतहर अली, आरक्षक रविकांत धृतलहरे, म.आर. संतोषी मानिकपुरी तथा धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर निवासी राजीवनगर राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



