जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया है. यह घटना बुधवार (11 मार्च) को उस समय हुई जब फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे.
घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. इस मामले पर डीपीएपी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
बताया जा रहा है कि शादी समारोह के दौरान एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर फारूक अब्दुल्ला के काफी करीब पहुंच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने कुछ राउंड फायरिंग भी की.
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में फारूक अब्दुल्ला को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी सुरक्षित रहे. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया.
गुलाम नबी आजाद ने जताई चिंता
घटना की जानकारी सामने आने के बाद डीपीएपी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने इस पर चिंता जताई और हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी पूरी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
गुलाम नबी आजाद ने पोस्ट कर कहा, ‘डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहिब पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं. यह राहत की बात है कि वह सुरक्षित हैं. पुलिस को इस घटना की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उनके अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना करता हूं.’
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आजाद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा और उसके पीछे की मंशा क्या थी. साथ ही सुरक्षा में किसी तरह की चूक हुई या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.



