पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भाजपा अब चुनावी प्रचार में सक्रिय हो गई है और इस बार नए तरीकों का सहारा ले रही है।
पार्टी 1 मार्च 2026 से बंगाल में ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने की योजना बना रही है, जिसे चुनावी प्रचार की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। भाजपा का उद्देश्य टीएमसी के पिछले दस वर्षों के शासन को चुनौती देना है, जिसे वह भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक और जनता के खिलाफ मानती है। यह यात्रा एक बड़े जन आंदोलन के रूप में प्रस्तुत की जा रही है, जो भाजपा की ममता सरकार के खिलाफ सक्रियता को दर्शाती है.
परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य
भाजपा के नेताओं के अनुसार, यह परिवर्तन यात्रा ‘पालोतानो डोरकर, चाय बीजेपी सोरकर’ के नारे के तहत चलायी जाएगी, जिसका लक्ष्य राज्य में संगठनात्मक नेटवर्क में ‘पूर्ण भौतिक वर्चस्व’ स्थापित करना है। यह यात्रा लगभग 5,000 किमी की दूरी तय करते हुए राज्य के सभी 9 संगठनात्मक क्षेत्रों में एक साथ चलेगी.



