पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरावणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर चल रहे विवाद में प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने आज नई सफाई दी है. 10 फरवरी 2026 को कंपनी ने कहा है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और इसे प्रकाशित तभी माना जाएगा जब यह रिटेल प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगी.
पेंगुइन ने नई सफाई में क्या कहा है?
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने आज स्पष्ट किया है कि कंपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लिए एकमात्र प्रकाशन अधिकार रखती है. किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. कोई भी कॉपी (प्रिंट या डिजिटल) प्रकाशित, वितरित, बेची या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं की गई है. इस किताब का प्री-ऑर्डर लिस्टिंग या ऐलान होना प्रकाशन नहीं माना जाता है. प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें लोग पहले से ऑर्डर दे सकते हैं, लेकिन किताब तब तक प्रकाशित नहीं होती जब तक वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध न हो.
कंपनी ने कहा, ‘एक घोषित किताब, प्री-ऑर्डर वाली किताब और प्रकाशित किताब तीन अलग-अलग चीजें हैं. अगर कोई कॉपी (प्रिंट, PDF, डिजिटल आदि) कहीं घूम रही है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन है. कंपनी ऐसी कॉपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी.’
पेंगुइन ने पहले भी सोमवार को बयान दिया था कि किताब प्रकाशन की प्रक्रिया में नहीं गई है. आज की सफाई राहुल गांधी के सवालों के जवाब में आई है.
बीजेपी ने उड़ाई राहुल की खिल्ली
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल प्री-ऑर्डर और प्रकाशित किताब के फर्क को नहीं समझ रहे. पूनावाला ने सवाल किया कि राहुल को यह किताब कैसे मिली? क्या यह कॉपीराइट एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन नहीं है? उन्होंने राहुल पर देश को गुमराह करने, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर झूठे आरोप लगाने और संसद में हंगामा करने का आरोप लगाया.
किताब की मौजूदा स्थिति क्या है?
किताब अभी आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है. अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि पर प्री-ऑर्डर लिंक थे, लेकिन अब हटा दिए गए हैं. डिजिटल या प्रिंट कॉपियां लीक होने की खबरें हैं, जिस पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच चल रही है. जनरल नरवणे ने पहले कहा था कि किताब डिफेंस मिनिस्ट्री की मंजूरी का इंतजार कर रही है.
यह विवाद संसद में हंगामे का कारण बना हुआ है. विपक्ष (कांग्रेस) का कहना है कि किताब में सरकार के लिए असुविधाजनक सच्चाई है, जबकि सरकार और बीजेपी इसे राजनीतिक हथकंडा बता रहे हैं. पेंगुइन की सफाई से अब सवाल यह है कि लीक हुई कॉपियां कहां से आईं और राहुल गांधी को किताब कैसे मिली?



