छत्तीसगढ़ से एक बार फिर से एक बड़ी खबर सामने आई है। 7 फरवरी 2026 ko बस्तर डिवीजन में कुल 51 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) किया है। खबरों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इन सभी पर मिलाकर 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
बता दें यह आत्मसमर्पण ऐसे वक्त में हुआ है जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर में ‘बस्तर पंडम 2026’ उत्सव का उद्घाटन करने पहुंची थीं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे पर रायपुर में मौजूद हैं। सरेंडर करने वालों में 34 महिलाएं भी शामिल हैं।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
खबरों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों द्वारा पता चला है कि मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और सामान बरामद किया गया है। इसमें दो इंसास राइफल, एक .303 राइफल, एक देसी पिस्तौल, एक ‘सुरका’ यानी देसी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 12 बोर की दो बंदूकें और दो सिंगल-शॉट हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 127 कारतूस, आठ मैगजीन, 22 बीजीएल गोले, बिजली के तार का एक बंडल और माओवादियों की तकनीकी टीम द्वारा हथियार बनाने और मरम्मत में इस्तेमाल किए जाने वाले कई औजार भी मिले हैं। अधिकारी ने बताया है कि यह हथियार कार्यशाला भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के तीन सदस्यों की निगरानी में चल रही थी जो पिछले वर्ष अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे।
कितने लोगों ने किया सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वाले कुल 51 नक्सलियों में से 34 महिलाएं हैं। बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया जिनमें 20 महिलाएं शामिल हैं। वहीं पास के सुकमा जिले में 14 महिला सदस्यों समेत 21 अन्य नक्सलियों ने बस्तर पुलिस की “पूना मार्गेम पुनर्वास पहल” के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
नक्सलियों का “हथियार भंडार” भी मिला
गरियाबंद जिले के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षाबलों ने छह अलग-अलग जगहों से हथियार, गोला-बारूद और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक ओडिशा सीमा से लगे मैनपुर थाना क्षेत्र के भालुदिग्गी और मेटल पहाड़ियों में सुरक्षाबलों ने करीब 36 घंटे तक अभियान चलाया। यह कार्रवाई बीते 7 फरवरी 2026 तक चली जिसमें नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों का भंडार मिला।
खबरों के अनुसार हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर यह अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने बताया था कि छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास इन पहाड़ियों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की ओडिशा राज्य समिति के शीर्ष नेताओं ने स्वचालित हथियार और आयुध बनाने के उपकरण छिपाकर रखे हैं। इसी जानकारी पर जिला पुलिस की विशेष ई-30 इकाई ने 6 फरवरी 2026 को कार्रवाई शुरू की।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत ₹1.61 करोड़ के इनामी कुल 51 माओवादी कैडरों-बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 का हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना शांति-आधारित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं।
सुरक्षा बलों के समर्पण, प्रशासन की संवेदनशीलता और पुनर्वास नीति की प्रभावशीलता से बस्तर में विश्वास का नया अध्याय खुला है।
राज्य सरकार सम्मानजनक पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”



