इस समय पूरी दुनिया में तनाव का माहौल है. लगभग हर महाद्वीप पर किसी न किसी रूप में युद्ध या संघर्ष चल रहा है. भारत-पाकिस्तान, रूस-यूक्रेन और एशिया के अन्य हिस्सों में हालात गंभीर बने हुए हैं.
अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला पर हमले और ईरान को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. ऐसे में सभी देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लगे हैं. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) की 2025 मिलिट्री बैलेंस रिपोर्ट के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं की सूची जारी की गई है. यह रैंकिंग सक्रिय सैनिकों की संख्या के आधार पर की गई है.
चीन- चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है. उसके पास करीब 20.35 लाख सक्रिय सैनिक हैं. चीन का रक्षा बजट भी काफी बड़ा है. चीनी सेना को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी कहा जाता है और यह सीधे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अधीन काम करती है.
भारत- भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना वाला देश है. भारतीय सेना में 14.76 लाख सक्रिय सैनिक हैं. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी सैन्य क्षमता दिखाई है. भारत स्वदेशी हथियारों और तकनीक पर खास ध्यान दे रहा है.
अमेरिका- अमेरिका तीसरे स्थान पर है. उसके पास 13.16 लाख सक्रिय सैनिक हैं. अमेरिका का रक्षा बजट दुनिया में सबसे ज्यादा है और उसके सैन्य अड्डे कई देशों में फैले हुए हैं.
उत्तर कोरिया- उत्तर कोरिया चौथे स्थान पर है. उसके पास 12.80 लाख सैनिक हैं. वह परमाणु हथियारों और आधुनिक तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है.
रूस- रूस के पास 11.34 लाख सक्रिय सैनिक हैं. रूस दुनिया की ताकतवर सेनाओं में गिना जाता है और लगातार भर्ती प्रक्रिया चला रहा है.
यूक्रेन- रूस के खिलाफ युद्ध में उलझा यूक्रेन छठे स्थान पर है. उसके पास 7.30 लाख सैनिक हैं. कठिन हालात के बावजूद उसकी सेना लगातार संघर्ष कर रही है.
पाकिस्तान- पाकिस्तान सातवें नंबर पर है. उसकी सेना में 6.60 लाख सक्रिय सैनिक हैं और देश की राजनीति में भी उसका खास असर है.
ईरान- ईरान आठवें स्थान पर है. उसके पास 6.10 लाख सैनिक हैं और यह मध्य पूर्व की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है.
इथियोपिया- इथियोपिया की सेना में 5.03 लाख सैनिक हैं. यह अफ्रीका की मजबूत सेनाओं में गिनी जाती है.
दक्षिण कोरिया- दक्षिण कोरिया दसवें स्थान पर है. उसके पास 5 लाख सक्रिय सैनिक हैं और यहां सैन्य सेवा अनिवार्य है.



