छत्तीसगढ़ पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी और दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा पर आखिरकार गृह विभाग ने सख्त कदम उठाया है.
लंबे समय से चर्चा में रहे लव ट्रैप और अवैध वित्तीय लेनदेन के मामले में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. विभागीय जांच पूरी होने के बाद जारी आदेश में पद के दुरुपयोग, अनुपातहीन संपत्ति और अवैध आर्थिक लाभ जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है. यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि मामला सिर्फ निजी संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे पुलिस व्यवस्था, संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक नैतिकता पर भी सवाल खड़े हुए हैं.
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया था जब डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच की कथित व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इन चैट्स में पैसे के लेनदेन, संपत्ति और अन्य आर्थिक सौदों की बातचीत सामने आई थी. डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर तैयार की गई जांच रिपोर्ट 1400 से अधिक पेज की बताई जा रही है. यह रिपोर्ट आईजी रायपुर को सौंपी गई थी.
पोर्ट में कारोबारी दीपक टंडन के खातों से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन, कैश और गहनों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य शामिल हैं. यह मामला पिछले साल दिसंबर में तब चर्चा में आया था जब कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम संबंधों के जरिए करीब दो करोड़ रुपये और कीमती सामान हड़पने का आरोप लगाया था.
बाद में कल्पना वर्मा ने भी पलटवार करते हुए कारोबारी पर कई गंभीर आरोप लगाए. दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें और सबूत सामने आने के बाद मामला और उलझता चला गया.



