जगदलपुर के ऐतिहासिक दलपत सागर को स्वच्छ रखने के लिए बस्तर ने लोगों ने दिए जलाए. लोकल 18 की टीम ने दीपोत्सव के बारे में लोगों से बातचीत की. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा..
जगदलपुर के दलपत सागर में स्वच्छता के नाम पर तीन लाख दिए जलाए गए. इस दीपोत्सव में बस्तर के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. दलपत सागर का निर्माण बस्तर के राजा दलपत देव ने कृषि और जल संचय के उद्देश्य से करवाया था, लेकिन धीरे-धीरे यह जलाशय प्रदूषित होता जा रहा है. इस दीपोत्सव में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी शामिल हुए. दीपोत्सव के दौरान लोकल 18 की टीम ने लोगों से बातचीत की.
भोला राम शांडिल्य ने बताया कि बस्तर की ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर में एक दिया स्वच्छता के नाम पर जलाया गया. यहां लगभग तीन लाख से अधिक दिए जलाए गए. दलपत सागर को स्वच्छ रखने के लिए शहरवासी, ग्रामीण और युवोदय के स्वयंसेवक शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत युवोदय के स्वयंसेवकों ने की. शाम होते ही जनसमुदाय का सैलाब उमड़ पड़ा. यह पूरा कार्यक्रम जनसहयोग से किया गया. दीपोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बस्तर की ऐतिहासिक धरोहर को बचाना था. यह कार्यक्रम हर साल मनाया जाता है.
ऐसे हुई दीपोत्सव की शुरुआत
जब दियों की गिनती की गई तो दो लाख दिए थे, इसके अलावा ग्रामीणों और शहरवासियों की ओर से लाए गए दिए मिलाकर लगभग तीन लाख दिए जलाए गए. ग्रामीणों और शहरवासियों ने जनसहयोग से यह दीपोत्सव मनाया. बास्तानार आए युवोदय स्वयंसेवक दिनेश कुमार यादव का कहना है कि यह पांचवां साल है. दीपोत्सव की शुरुआत युवोदय के स्वयंसेवकों ने की थी और तब से लगातार यह आयोजन किया जा रहा है. हमारा उद्देश्य स्वच्छ और मुक्त बस्तर बनाना है. इसी कारण हम लोगों ने यह दीपोत्सव आयोजित किया. यहां लोगों की एकजुटता देखकर बहुत अच्छा लगा.



