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चट्टानों के नीचे नक्सलियों ने छिपाया था मौत का सामान, मुख्य धारा में लौटे साथियों ने खोला राज, 2 AK-47 बरामद…

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छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है. यह सफलता आत्मसमर्पित नक्सलियों के सहयोग से मिला है.

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. गरियाबंद और धमतरी जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है. दरअसल, सुरक्षाबलों ने जंगल में सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा डम्प किए गए घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया है. इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि जिन हाथों ने कभी बंदूक थामी थी, उन्हीं की निशानदेही पर आज पुलिस ने मौत के इन सामानों को मिट्टी से बाहर निकाला.

मुख्य धारा में लौटे साथियों ने खोला राज

गरियाबंद के घने और दुर्गम जंगलों में जिला पुलिस बल की ई-30 टीम ने थाना शोभा क्षेत्र के रक्शापथरा जंगल में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया. इस दौरान नक्सलियों द्वारा डम्प किए गए घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया है. दरअसल,  गरियाबंद में 19 जनवरी 2026 को रायपुर आईजी और गरियाबंद पुलिस के सामने 9 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था. आत्मसमर्पित इन माओवादियों ने ही उस राज से पर्दा उठाया, जिसे डीजीएन (DGN) डिवीजन के कैडरों ने छिपा रखा था. उन्होंने बताया कि किस तरह रक्शापथरा के जंगलों में टेकरी और चट्टानों के नीचे भारी मात्रा में हथियार डम्प किए गए हैं.

AK-47 समेत नक्सली सामग्री बरामद

सूचना की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में जिला पुलिस बल की ई-30 और बीडीएस (BDS) की संयुक्त टीम को 20 जनवरी की सुबह रवाना किया गया. जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर, दक्षिण-पूर्व के उन इलाकों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, जहां कदम-कदम पर खतरा होता है. टीम ने जब रक्शापथरा की पहाड़ियों और टेकरी पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, तो एक विशाल चट्टान के किनारे मिट्टी और पत्थरों के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार मिले. इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक एके-47 राइफल, एक खाली मैग्जीन, एक 12 बोर बंदूक बरामद किया.

धमतरी में हथियारों का डंप बरामद

वहीं धमतरी जिले में भी आत्मसमर्पित 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी की निशानदेही पर डीआरजी धमतरी द्वारा विशेष नक्सल सर्च अभियान चलाया गया. इस दौरान दौड़ पंडरीपानी के जंगल क्षेत्र से हथियारों का डंप बरामद किया गया. माओवादियों ने हथियारों को जमीन में गहरा गड्ढा बनाकर ऊपर से पत्तियां और प्राकृतिक सामग्री से ढककर छुपाया था, ताकि सुरक्षा बलों की नजर से बच सके.

बरामद हथियारों के डंप में- एक एस एल आर 7.62 एमएम ऑटोमेटिक राइफल जो सिलिंग सहित है, एसएलआर की दो खाली मैगजीन, एक 12 बोर बंदूक सिलिंग सहित, एक भरमार बंदूक सहित नक्सली सामग्री शामिल है.

नक्सलियों से धमतरी पुलिस की अपील

बता दें कि धमतरी पुलिस ने अपील की है कि माओवादी हिंसा से दूर रहकर शासन की आत्मसमर्पण नीति का लाभ ले और शांति विकास मुख्य धारा से जुड़े.

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आत्मसमर्पित माओवादियों का यह सहयोग इस बात का प्रतीक है कि अब वो हिंसा का रास्ता पूरी तरह छोड़कर समाज की मुख्यधारा में मिलकर बस्तर और गरियाबंद के विकास में योगदान देना चाहते हैं. इन हथियारों की बरामदगी से न केवल नक्सलियों की हमला करने की क्षमता कम हुई है, बल्कि इलाके के ग्रामीणों में भी सुरक्षा का भाव जागा है.