Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा, संगठित नेटवर्क के संकेत

धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा, संगठित नेटवर्क के संकेत

3
0

राजनांदगांव। थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदेहन क्षेत्र के ग्राम धर्मापुर में आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और कथित धर्मांतरण गतिविधियों के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, अभिलेख, रजिस्टर और अन्य सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक परीक्षण में संकेत मिले हैं कि कथित धर्मांतरण गतिविधियां किसी एक व्यक्ति तक सीमित न होकर संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित की जा रही थीं।

विवेचना में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तक फैला हुआ है। प्रारंभिक जांच में सैकड़ों लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी हाथ लगे हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड और मोबाइल फोन शामिल हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल दस्तावेज, डेटा और प्रेजेंटेशन सामग्री से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इसके अलावा पुलिस ने सोलर आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। बताया गया कि इनका उपयोग बिजलीविहीन दूरस्थ क्षेत्रों में किया जाता था।

जब्त साक्ष्यों के आधार पर जांच में कई अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने सभी को विधि अनुसार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है, ताकि उनके आपसी संबंध और भूमिका की विस्तृत जांच की जा सके।

पुलिस प्रकरण से जुड़े वित्तीय लेन-देन और धन स्रोतों की भी गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आश्रम/चर्च संचालन के लिए धन कहां से प्राप्त हो रहा था और क्या इसमें किसी अन्य अवैध या संगठित गतिविधि का संबंध है।

राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के दायरे में की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रकरण की विवेचना लगातार जारी है।