पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) में रिटायर्ड कर्मचारियों को चांदी के बजाय नकली तांबे के सिक्के बांटे जाने का बड़ा खुलासा हुआ ह. लगभग 3600 सिक्कों में डिफेक्ट पाए गए, जिनकी NABL लैब जांच में सप्लायर कंपनी दोषी पाई गई है.
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) में रिटायर्ड कर्मचारियों को चांदी की जगह नकली तांबे के सिक्के बांटे जाने का बड़ा खुलासा हुआ है. लगभग 3600 सिक्कों में डिफेक्ट पाए जाने के बाद WCR के CPRO हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि NABL लैब जांच में कंपनी दोषी पाई गई है. रेलवे बोर्ड अन्य जोनों में भी ऐसे मामलों की पड़ताल कर रहा है. यह धोखाधड़ी दो साल से होने की आशंका है जिसकी अब जांच की जा रही है.
क्या है पूरा मामला
राजस्थान में रेलवे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को चांदी के बजाय तांबे के सोने-पॉलिश वाले सिक्के देने का मामला सामने आया है. एक कर्मचारी के शक पर जांच में सिक्कों में सिर्फ 0.25% चांदी पाई गई. दो साल से नकली सिक्के बांटने की आशंका पर विजिलेंस जांच शुरू हुई.
कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश में पाया गया. भोपाल रेल मंडल में रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा हुआ है. सम्मान रूप में उन्हें नकली सिक्का थमा दिया गया है. रिटायर्ड कर्मचारियों को जब पता चला कि चांदी के नाम पर हमें तांबे के सिक्के थमा दिए हैं. लैब टेस्टिंग में पता चला कि इसमें केवल 0.23 ग्राम ही चांदी है.
जबलपुर मंडल का है पूरा मामला
डब्लू सी आर (WCR) का पूरा नाम पश्चिम मध्य रेलवे (West Central Railway) है. यह भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण जोनों में से एक है. इसका मुख्यालय जबलपुर, मध्य प्रदेश में स्थित है. इसमें कुल तीन रेल मंडल शामिल हैं. जबलपुर मंडल, भोपाल मंडल, कोटा मंडल यह जोन मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अपनी सेवाएं देता है. इसके अंतर्गत जबलपुर, भोपाल, कोटा, इटारसी, कटनी, सतना, और सवाई माधोपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन आते हैं.



