बस्तर के भानपुरी वन परिक्षेत्र में हिरण का शव मिला है. आशंका जताई जा रही है कि जंगली जानवर के हमले से हिरण घायल हुआ था.
बस्तर : छत्तीसगढ़ में घने जंगलों से भरपूर बस्तर में अब बाघ की मौजूदगी के चिन्ह आबादी इलाकों में मिल रहे हैं. 10 दिन पहले बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र में बाघ ने 08 मवेशियों का शिकार किया था. इसके बाद बाघ के पदचिन्ह चित्रकोट वन परिक्षेत्र में दिखे. अगले दिन जगदलपुर वन परिक्षेत्र मारेंगा में बाघ ने मवेशी का शिकार किया था.
घायल हिरण ने तोड़ा दम
अब एक बार फिर से बाघ ने हिरण का शिकार बस्तर वन परिक्षेत्र में किया है. फिलहाल वन विभाग की टीम जांच में जुटी है.भानपुरी SDO इंद्र प्रसाद बंजारे के मुताबिक बीती रात किसी जंगली जानवर ने हिरण पर हमला किया. संभवतः हिरण के शरीर में पड़े पंजे की वजह से हिरण बुरी तरह घायल हो गया.हिरण आबादी इलाके में सालेमेटा 02 जुनागुड़ा पारा के एक किसान के बाड़ी में जंगल से भागकर अपनी जान बचाने के पहुंचा. लेकिन गंभीर रूप से घायल होने की वजह से वहीं दम तोड़ दिया.
शिकार की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया में जुट गई. ग्राम पंचायत लामकेर, सालेमेटा-2 एवं आसपास के गांव के लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क और जागरूक रहें. जंगल झाड़ी में समूह बनाकर जाएं और देख परखकर ही जाएं. पूरे इलाके में मुनादी करवाई जा रही है.
SDO इंद्र प्रसाद बंजारे ने बताया कि हिरण के मौत पर शिकारियों पर भी संदेह होता है. लेकिन मौके पर मृत हिरण के शव को देखकर यह स्पष्ट है कि हमला किसी जंगली जानवर ने किया है. फिलहाल शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई में वन विभाग जुटा हुआ है.



