रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जशपुर में मतांतरण पर चिंता जाहिर की कहा कि धर्म चुनने का अधिकार सबको है। जाति तो जन्म के साथ मिलती है, उसे कोई बदल नहीं सकता है। हम जिस जाति में जन्म लेते हैं, उसी परिवेश में रहते हैं, उसे बदल नहीं सकते। लेकिन धर्म चुनने का अधिकार सबको है। पहले राजतंत्र था, तो राजा का दंड, सिक्का और धर्म होता था जिसे प्रजा मानती थी। वो समय बीत गया। अब प्रजातंत्र में धर्म चुने का अधिकार सबको है। सोमवार को वनवासी कल्याण आश्रम के जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख भागवत ने कहा था कि हमारे भोलेपन का लाभ लेकर ठगने वाले लोगों से सावधान रहना है। ठगने वाले बहुत लोग हैं। अब हमको जागना है। अपने देश, धर्म के लिए पक्का रहना है। हमें अपने 16 संस्कारों और देवी-देवताओं को नहीं भूलना है मतांतरण कराए तो कठोर कारवाई का प्रविधान है। हमारी सरकार में नियम हैं। हमने कार्रवाई की है। शिकायतें मिली हैं, तो जांच हुई है, जिम्मेदारों पर एक्शन लिया गया है। कहीं भी मतांतरण हो रहा है और उसकी जानकारी हो तो कार्रवाई करेंगे।संघ प्रमुख पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि मोहन भागवत धर्म परिवर्तन पर न बोलें।मैं उपलब्ध करा सकता हूं। जहां भी ईसाई होंगे, वहां चर्च बनेंगे। इसे ऐसे नहीं कहा जा सकता कि जहां भी चर्च होंगे, वहां ईसाई होंगे। अगर किसी स्थान पर सिख रहते हैं, तो निश्चित तौर पर वहां गुरुद्वारा भी होगा। चर्च, गुरुद्वारा या अन्य धार्मिक स्थल तभी अधिक बनते हैं, जब उनको मानने वाले लोग अधिक हों।