Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON रेलवे के लिखित आश्वासन को अमल में लाने फिर पहुंचे आसिफ अली

रेलवे के लिखित आश्वासन को अमल में लाने फिर पहुंचे आसिफ अली

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राजनांदगांव। पटरीपार क्षेत्र के हजारों लोगों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को लेकर कांग्रेस नेता आसिफ अली ने एक बार फिर रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर LHS-460 अंडरब्रिज के अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने की मांग उठाई।

गौरतलब है कि रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की ओर से 12 मई 2026 को आसिफ अली को लिखित पत्र जारी कर LHS-460 के कार्य को अक्टूबर माह में प्रारंभ किए जाने की जानकारी दी गई थी। पत्र में रेलवे ने यह भी उल्लेख किया था कि कार्य प्रारंभ करने संबंधी आवश्यक कार्रवाई विभाग द्वारा की जा रही है। इसी लिखित आश्वासन के आधार पर अक्टूबर माह शुरू होते ही आसिफ अली ने रेलवे अधिकारियों से पुनः संपर्क कर आश्वासन को धरातल पर उतारने की मांग रखी।

रेलवे स्टेशन प्रबंधन से चर्चा के साथ ही संबंधित इंचार्ज इंजीनियर मोनेश से भी कार्य की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि नागपुर मंडल से उच्च अधिकारी इसी माह निर्माण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचेंगे, जिसके बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर अधूरे कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया की जाएगी।

आसिफ अली ने कहा कि “रेलवे का लिखित आश्वासन हमारे पास है और अब जरूरत उस आश्वासन को जमीन पर उतारने की है।” LHS-460 का निर्माण लंबे समय से अधूरा रहने के कारण पटरीपार क्षेत्र के हजारों नागरिकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना आवागमन करने वाले नागरिकों को कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के स्थल निरीक्षण के दौरान वे स्वयं मौके पर उपस्थित रहेंगे और क्षेत्रवासियों की वास्तविक समस्याओं एवं जमीनी स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराते हुए LHS-460 के अधूरे कार्य को शीघ्र शुरू कराने की पुरजोर मांग रखेंगे।

आसिफ अली ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक निर्माण कार्य का मामला नहीं, बल्कि पटरीपार क्षेत्र के हजारों लोगों की रोजमर्रा की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। रेलवे ने अक्टूबर माह में कार्य प्रारंभ करने की बात लिखित रूप से कही है, इसलिए अब क्षेत्रवासियों को इसके वास्तविक क्रियान्वयन का इंतजार है। यदि रेलवे द्वारा अक्टूबर माह में LHS-460 के अधूरे कार्य को प्रारंभ नहीं किया गया, तो क्षेत्रवासियों की समस्याओं को देखते हुए उन्हें जन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रबंधन की होगी।