Home छत्तीसगढ़ पूर्व विधायक का उपवास विकास नहीं, सियासी नौटंकी : परदेशी सोनबोईर…

पूर्व विधायक का उपवास विकास नहीं, सियासी नौटंकी : परदेशी सोनबोईर…

2
0

➡️ कांग्रेस विधायक के रहते पूर्व विधायक को धरने की जरूरत क्यों पड़ी, पांच साल में नहीं करा पाए काम**

राजनांदगांव। तिलई भाजपा मंडल अध्यक्ष परदेशी सोनबोईर ने डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल के दो दिवसीय उपवास पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कांग्रेस की विधायक हर्षिता बघेल हैं इसके बावजूद क्षेत्र की जरूरतों को पूरा कराने के लिए पूर्व विधायक को उपवास पर बैठना पड़ रहा है। यह कांग्रेस की वर्तमान विधायक की निष्क्रियता को दर्शाता है।

श्री सोनबोईर ने कहा कि पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल शासकीय नवीन महाविद्यालय ठेलकाडीह के नवीन भवन निर्माण की मांग को लेकर दो दिवसीय उपवास पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह मांग उठाने वाले भुनेश्वर बघेल स्वयं लंबे समय तक डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे हैं। उनके कार्यकाल में भी क्षेत्र के विकास और महाविद्यालय भवन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर अपेक्षित पहल नहीं हुई।

श्री सोनबोईर ने कहा कि भुनेश्वर बघेल के विधायक रहते छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। ऐसे समय में उनके पास क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का पूरा अवसर था। इसके बावजूद, उनके कार्यकाल में डोंगरगढ़ क्षेत्र की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब जब पूर्व विधायक के पास पद नहीं है और कोई नया काम करने की स्थिति नहीं है तब उपवास के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री सोनबोईर ने इसे जनता की समस्या के समाधान की बजाय राजनीतिक नौटंकी करार दिया। श्री सोनबोईर ने कहा कि यदि वर्तमान कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपने स्तर पर शासन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से मांग रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब क्षेत्र में कांग्रेस की विधायक मौजूद हैं, तो पूर्व विधायक को उपवास करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विकास कार्यों के पक्ष में है और क्षेत्र की जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना चाहिए। लेकिन विकास के मुद्दों को लेकर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। जनता यह भी देख रही है कि जिन नेताओं को अपने कार्यकाल में काम करने का अवसर मिला उन्होंने उस दौरान क्षेत्र के लिए कितना काम किया। श्री सोनबोईर ने कहा कि डोंगरगढ़ विधानसभा की जनता को राजनीतिक बयानबाजी और आंदोलन से ज्यादा धरातल पर विकास कार्य चाहिए। नेताओं को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।