अमित शाह ने एनएसए अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया**
पुणे, एक अगस्त: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
तिलक स्मारक ट्रस्ट के अनुसार, डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया। डोभाल (81) ने अपने करियर में मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
उन्होंने इस्लामाबाद और लंदन में भारतीय मिशन में भी राजनयिक भूमिकाएं निभाई हैं। डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। इसके अलावा, वह भारत-चीन सीमा वार्ता में भारत के विशेष प्रतिनिधि रह चुके हैं और डोकलाम गतिरोध को समाप्त करने में महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका निभाने का श्रेय भी उन्हें प्राप्त है।
ट्रस्ट ने बताया कि 1983 में स्थापित लोकमान्य तिलक पुरस्कार पहली बार समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को दिया गया था। यह पुरस्कार स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर हर साल एक अगस्त को उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पुरस्कार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और दिग्गज नेता शरद पवार जैसी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया जा चुका है।
इसके अलावा, शाह ने पुणे यात्रा के दौरान महान मराठी कवि और समाज सुधारक लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के साथ कई स्थानीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने साठे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। अण्णाभाऊ साठे का जन्म एक अगस्त 1920 को हुआ था, और वे समाज सुधारक, लोक कवि और दलित साहित्य के रचनाकार थे।



