बुधवार का दिन सैलरीड क्लास के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। दिल्ली में होने वाली मोदी कैबिनेट की बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की जा सकती है। इस प्रस्ताव के अनुसार, EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का विचार है।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। वर्तमान में, EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन की सीमा 15,000 रुपये है। ऐसे कर्मचारियों के लिए EPF में योगदान अनिवार्य है, जिनकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर यह सीमा तक है।
कर्मचारियों की सैलरी पर प्रभाव
यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है और सीमा 25,000 रुपये हो जाती है, तो इससे उन कर्मचारियों का अनिवार्य EPF कवरेज बढ़ सकता है, जिनकी बेसिक सैलरी और DA 25,000 रुपये तक है। EPF की सीमा बढ़ने से अधिक कर्मचारियों को रिटायरमेंट सेविंग के दायरे में लाया जा सकता है। कर्मचारियों के खातों में नियमित रूप से PF की राशि जमा होगी, जिससे लंबे समय में रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने में मदद मिलेगी। हालांकि, PF में कर्मचारी का योगदान बढ़ने से उनकी मासिक इन-हैंड सैलरी पर भी असर पड़ सकता है, जिससे वर्तमान सैलरी का कुछ हिस्सा PF खाते में जा सकता है।
डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के नए पदों पर निर्णय
कैबिनेट बैठक के एजेंडे में डिजिटल डेटा सुरक्षा से संबंधित एक प्रस्ताव भी शामिल हो सकता है। डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के गठन के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दिए जाने की संभावना है, जिसका उद्देश्य देश में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को मजबूत करना है।
रूस के साथ क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता
बैठक में भारत और रूस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी विचार किया जा सकता है। क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आधुनिक तकनीक और कई रणनीतिक क्षेत्रों में होता है। रूस के साथ सहयोग का प्रस्ताव क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन से जुड़ा है, जो भविष्य की तकनीक और औद्योगिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
मंजूरी के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
EPF वेतन सीमा में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव पर कर्मचारियों और कंपनियों की नजर है। फिलहाल, 15,000 रुपये से 25,000 रुपये तक सीमा बढ़ाने का विचार प्रस्तावित है। कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नया नियम किस तारीख से और किन कर्मचारियों पर लागू होगा।



