– ग्रामीण रोजगार, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल”
राजनांदगांव। भारत सरकार द्वारा ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी-राम-जी) योजना का शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को किया जाएगा। यह योजना पूर्व में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का उन्नत एवं विस्तारित स्वरूप है।
जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, स्थायी आजीविका एवं मजबूत आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है।
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी-राम-जी) योजना अंतर्गत पहले की तुलना में अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
जिससे ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार प्राप्त होगा। यह निर्णय ग्रामीण गरीब, मजदूर, किसान एवं युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में प्रति श्रमिक दैनिक मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जो पूर्व में 261 रूपए प्रति दिवस थी। उसे बढ़ाकर अब 300 रूपए प्रति दिवस कर दिया गया है।
इससे श्रमिकों की आय में प्रत्यक्ष बढ़ोतरी होगी तथा ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त होगा। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना हेतु 95692 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। जबकि राज्यों की सहभागिता के साथ कुल बजट 1.51 लाख करोड़ रूपए से अधिक का अनुमानित है।
छत्तीसगढ़ राज्य के लिए इस योजना के अंतर्गत कुल 3810 करोड़ 29 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। जिसमें 2286 करोड़ 18 लाख रूपए केद्रांश एवं 1524 करोड़ 11 लाख रूपए राज्यांश शामिल है।
इस राशि में मजदूरी मद हेतु 1900 करोड़ रूपए, सामग्री मद हेतु 1593 करोड़ 28 लाख रूपए, प्रशासनिक व्यय हेतु 297 करोड़ 1 लाख रूपए तथा सामाजिक अंकेक्षण हेतु 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार राजनांदगांव जिले के लिए लगभग 43 लाख मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से जिले में जल संरक्षण, तालाब निर्माण, डबरी निर्माण, सिंचाई सुविधा विस्तार, वृक्षारोपण, ग्रामीण सड़क निर्माण एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे स्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना है।
विशेष रूप से जल संरक्षण आधारित कार्यों से भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण पलायन में कमी आएगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।



