रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे : सरकार को है किसानों के हितों की चिंता कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम (2) प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में एसटी, एससी एवं ओबीसी विभाग की गहन समीक्षा बैठक 8 अप्रैल को’
रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे’
सरकार को है किसानों के हितों की चिंता: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम’
उर्वरक की नहीं होगी कमी, जैविक खेती के लिए किसानों को रहे हैं प्रोत्साहित’
अधिकारियों को नवाचार और फसल परिवर्तन पर जोर देने के निर्देश’
विकसित भारत संकल्प अभियान 5 मई से 20 मई तक: अधिकारियों को प्राथमिकता और गंभीरता से सहभागी बनने के निर्देश’
छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे जेल भी भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की कमी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है। खाद की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आपूर्ति और बेहतर होगी, इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार से घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित समेति कक्ष में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इस आशय के वक्तव्य दिए।
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिलों के संबंधित विभागीय अमले को नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मंत्री श्री नेताम ने बैठक में आगामी 5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में “विकसित भारत संकल्प अभियान” की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले की टीम गांव-गांव जाकर किसानों, किसान समूहों और संगठनों से सीधे संवाद करेगी। इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, वैकल्पिक उर्वरकों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान कृषि के साथ-साथ अन्य विभाग जैसे-मछली पालन, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिसमें विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा विभागीय प्रकरण तैयार करने हेतु निर्देशित किया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पिछले वर्ष डीएपी की आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार का फोकस केवल उर्वरक उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने पर है। किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के उद्देश्य से दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
बैठक में फार्मर आई डी के तहत एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष बचे हुए कृषकों का एक सप्ताह के भीतर पंजीयन करने हेतु निर्देश दिए गए ताकि कोई भी किसान पी.एम.किसान योजना से लाभान्वित होने से वंचित न रहे। उन्होंने खरीफ सीजन में किसानों को सुगमतापूर्वक उर्वरक व्यवस्था हेतु दूरस्थ अंचलों में प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक का भण्डारण करने हेतु निर्देशित किया।
मंत्री श्री नेताम ने विभागीय योजनाओं में वर्ष 2025-26 में हुए व्यय की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से फसल प्रदर्शन योजना एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन को बढावा देने हेतु समीक्षा की, जिसमें रायपुर संभाग के अधीन जिलों में और अधिक प्रयास कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम करके दलहन तिलहन एवं मक्का फसल को बढावा देने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही धमतरी जिले में विगत् दो वर्षाे में दलहन तिलहन के रकबे में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा अन्य जिलों में भी दलहन एवं तिलहन के रकबे में वृद्धि करने हेतु निर्देशित किया गया।
मंत्री श्री नेताम ने रायपुर और दुर्ग संभाग के पी.एम.आशा की समीक्षा के दौरान पाया कि धमतरी जिले को छोडकर अन्य जिलों में प्रगति नगण्य है आगामी एक सप्ताह के भीतर मार्कफेड, नाफेड एवं समिति स्तर पर समन्वय करके दलहन तिलहन की खरीदी हेतु और अधिक प्रयास करने पर बल दिया।
मंत्री श्री नेताम ने बैठक में वाटर बॉडी में मखाना एवं सिंघाडा की खेती के लिए उद्यानिकी विभाग को विशेष कार्ययोजना बना कर कृषक एवं कृषक समूहों से आवश्यक चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मखाना की खेती हेतु जिला धमतरी में किए गए कार्य की सराहना की गई। मखाना की खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए किसानों को जागरूक करने निर्देश दिए।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कृषि, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के संचालक श्री अजय अग्रवाल, मत्स्य पालन विभाग के संचालक श्री एस.एस. नाग, पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चन्द्रकांत वर्मा, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री लोकेश चन्द्राकर, रायपुर के संयुक्त संचालक श्री गयाराम और दुर्ग की संयुक्त संचालक श्रीमती गोपिका गबेल सहित जिले एवं राज्य के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में एसटी, एससी एवं ओबीसी विभाग की गहन समीक्षा बैठक 8 अप्रैल को’
राज्य स्तरीय इस बैठक में सहायक आयुक्तों सहित वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे उपस्थित’
योजनाओं की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर होगी विस्तृत चर्चा’
आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में कल 08 अप्रैल को गहन समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 10ः30 बजे से मंत्रालय, महानदी भवन के पंचम तल स्थित सभागार में होगी। राज्य स्तरीय इस बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाएगी।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजना प्रशासकों (एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना) एवं सहायक आयुक्तों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में वर्ष 2025-26 के बजट आबंटन, व्यय, समर्पण एवं व्यय की समीक्षा के साथ-साथ स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति, पीएम जनमन योजना की स्थिति, छात्रावासों एवं आश्रमों की तैयारियां तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति वितरण, जवाहर उत्कर्ष योजना, देवगुड़ी एवं अखरा विकास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तथा प्रयास आवासीय विद्यालयों के संचालन की समीक्षा भी बैठक के प्रमुख एजेंडा में शामिल है। वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन, लंबित न्यायालयीन प्रकरणों एवं अवमानना मामलों की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही मुख्य बजट 2026-27 में प्रस्तावित नई योजना सीजी-एसीए के अंतर्गत उड़ान, शिखर एवं मंजिल घटकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में नए छात्रावासों एवं आश्रमों के निर्माण और संचालन हेतु स्थल चयन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत कार्यों की प्रगति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर भी चर्चा प्रस्तावित है।



