ईरान और अमेरिका युद्ध के 24 दिन बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बयान दिया. करीब 24 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट और आंतरिक हालात पर बात की.
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा- मेरी सरकार इस संकट में सतर्क है. उन्होंने इस दौरान आर्थिक संकट को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के बारे में भी देश को बताया. प्रधानमंत्री ने संबोधन के आखिर में अमेरिका से लेकर ईरान तक को भारत का संदेश भी दिया. पीएम ने साफ लहजे में कहा कि शांति के लिए कूटनीति जरूरी है. युद्ध दुनिया में कोई समाधान नहीं है.
यूएस से ईरान तक…किसके लिए क्या है मैसेज
अमेरिका को क्या संदेश?-
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका को 2 संदेश दिया है. पहला, तेल खरीदी को लेकर और दूसरा शांति समझौते को लेकर. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- जिन देशों के पास तेल उपलब्ध है, हम उन देशों से अपने स्तर पर बात कर रहे हैं. उसके साथ तेल खरीदी को डील कर रहे हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले अमेरिका ने एक बयान में रूस से तेल खरीदी को लेकर 30 दिन की छूट देने की घोषणा की थी.
युद्ध को लेकर भी पीएम मोदी ने अमेरिका को संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा- भारत का स्टैंड शांति को लेकर है. कूटनीतिक तरीके से समाधान निकालने की जरूरत है. शांति समझौते के जरिए तनाव खत्म करना ही सबसे बेहतर विकल्प है.
ईरान को क्या संदेश?-
नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ईरान का नाम तो नहीं लिया, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट का जिक्र जरूर किया. पीएम मोदी ने कहा- होर्मुज में रुकावट मंजूर नहीं है. यह ईरान के लिए एक संदेश माना जा रहा है. अमेरिका जंग के कारण ईरान ने होर्मुज के रास्ते को ब्लॉक कर दिया है. ईरान सरकार से जिन देशों के जहाजों को मंजूरी मिलती है, उसे ही होर्मुज से पार होने दिया जा रहा है.
हालांकि, होर्मुज के जरिए भारत के कई मालवाहक जहाज आए हैं. इसके लिए भारत सरकार ने ईरान के साथ कूटनीतिक तरीका अपनाया. पीएम मोदी ने समुंदर में मालवाहक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता जाहिर की.
खाड़ी देशों को क्या संदेश?-
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से खाड़ी देश काफी प्रभावित हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में इसका जिक्र भी किया. पीएम मोदी ने कहा- मैंने सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से 2-2 राउंड बातचीत की है. पीएम ने इन देशों को यह संदेश दिया है कि हम इस मुश्किल परिस्थिति में आपके साथ हैं. क्योंकि आप हमारे लिए अहम हैं.
पीएम मोदी ने आगे कहा- युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वो दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है.



