Home छत्तीसगढ़ CG: कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली…

CG: कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली…

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– अवैध परिवहन रोकने छोटी सड़कों पर चेक पोस्ट, सीसीटीवी व बैरियर लगाने के दिए निर्देश’
– दुर्घटनाजन्य स्थलों में किए जा रहे सुधार कार्यों की समीक्षा की’
– यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई करने के दिए निर्देश’
– पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीडि़तों को 1 लाख 50 हजार रूपए तक कैशलेस उपचार की मिलेगी सुविधा’

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी छोटी सड़कों का चिन्हांकन किया जाए, जहां अवैध रूप से बड़े एवं भारी वाहनों के आवागमन तथा परिवहन की संभावना बनी रहती है। उन्होंने  इन मार्गों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और गार्डर अथवा बैरियर लगाए जाएं, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इससे सड़कों की गुणवत्ता बनी रहेगी और ग्रामीणों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य स्थलों में किए गए आवश्यक सुधार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना से मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। दुर्घटनाजन्य स्थानों में स्पीड ब्रेकर, साईन बोर्ड, हाईमास्ट लाईट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए नागरिकों को जागरूक करना आवश्यक है तथा सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए तथा हेलमेट नहीं लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के लिए कहा। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों के सड़क किनारे नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों की नियमित जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि भारत सरकार की पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस ईलाज की सुविधा दी जा रही है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीडि़तों को गोल्डन ऑवर अर्थात सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण समय में बिना किसी देरी के अस्पतालों में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए तक का कैशलेस उपचार पंजीकृत सभी शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री आनंद शर्मा ने सड़क सुरक्षा के लिए किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

निर्माणाधीन कार्यों को बारिश से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करें – कलेक्टर
– कलेक्टर ने निर्माण विभागों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
– स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश
– सांसद-विधायक निधि के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के दिए निर्देश

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में निर्माण विभागों की बैठक लेकर जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर श्री यादव ने निर्माण विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा पूर्व वर्षों में स्वीकृत कार्यों के समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों को बारिश से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी शिक्षण सत्र में बच्चों को नए भवनों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवश्यकता के आधार पर विकास कार्य स्वीकृत किए जाते हैं, इसलिए ऐसे कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बाद तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तायुक्त रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनसामान्य को समय पर लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं धीमी गति से कार्य करने पर संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने छोटे एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को इसका लाभ जल्द मिल सके। कलेक्टर ने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री एसके चौरसिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

जिला चिकित्सालय के भू-तल में प्रसूता महिलाओं हेतु नवीन ऑपरेशन थियेटर हुआ क्रियाशील
– सिजेरियन प्रसव एवं आपातकालीन प्रसूति सेवाएं अब जिला चिकित्सालय में ही उपलब्ध
– समय पर उपचार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मिलेगी मदद

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय के भू-तल में स्थित पुराने मेजर ऑपरेशन थियेटर का जीर्णोद्धार कर उसे प्रसूता महिलाओं के लिए विशेष रूप से क्रियाशील कर दिया गया है। इस नवीन ऑपरेशन थियेटर के प्रारंभ होने से जिला चिकित्सालय में आने वाली गर्भवती एवं उच्च जोखिम प्रसूता महिलाओं को अब समय पर सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। नवीन ऑपरेशन थियेटर में सिजेरियन प्रसव सहित प्रसूति से संबंधित आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। इससे उन प्रसूता महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें तत्काल शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है। अब ऐसे मामलों में मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी, जिससे समय की बचत होगी और उपचार में देरी नहीं होगी। इस सुविधा के प्रारंभ होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। साथ ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को जिला स्तर पर ही बेहतर एवं सुरक्षित प्रसूति सेवाएं उपलब्ध हो पाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम  नवरतन द्वारा नवीन ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण कर उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रसूता महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, अस्पताल प्रबंधक श्री अविन चौधरी, प्रसूति एवं निश्चेतना विभाग के विशेषज्ञ, मेजर ऑपरेशन थियेटर प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।