राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 69 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है।
प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 23 लाख 56 हजार महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है।
महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा।
8 मार्च 1917 को, रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति (Bread and Peace) की मांग को लेकर एक ऐतिहासिक हड़ताल की थी।
इस घटना ने महिलाओं के अधिकारों के आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके बाद से ही 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
इसे पहली बार 1911 में मनाया गया था, लेकिन 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे मान्यता दी, जिसका उद्देश्य लैंगिक समानता, महिलाओं के अधिकारों और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना है।
भारतीय संविधान के शिल्पी डॉ. भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को समानता का अधिकार एवं कार्यस्थल में अवकाश देने की पहल की थी। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मिनीमाता सम्मान प्रदान किया जाता है।
जिले की कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, जिला पंचायत सीइओ श्रीमती प्रेमलता मंडावी कार्यरत है। इसके अलावा बेरला एसडीएम डॉ. दीप्ति वर्मा, नवागढ़ एसीडीएम श्रीमती दिव्या पोटाई, साजा एसडीएम श्रीमती पिंकी मनहर कार्यरत है। सुश्री हर्षलता वर्मा डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।



