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जैसे-जैसे बढ़ेगी गर्मी, रॉकेट बनेंगे पावर शेयर. कमाई के लिए टाटा और अडानी में से कौन है बेस्ट?

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उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी अब अपने तीखे तेवर दिखाने लगी है. मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है.

लोगों के लिए यह चिलचिलाती धूप भले ही परेशानी का सबब हो, लेकिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका लेकर आई है. गर्मी बढ़ने का सीधा मतलब है बिजली की खपत में बेतहाशा इजाफा. इसी बढ़ती मांग की उम्मीद में पावर सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों, टाटा पावर (Tata Power) और अडानी पावर (Adani Power) के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मौजूदा हालात में आपके पोर्टफोलियो के लिए इनमें से कौन सा शेयर ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है.

झुलसाती गर्मी और बिजली की डिमांड का कनेक्शन

जैसे-जैसे एयर कंडीशनर और कूलर का इस्तेमाल बढ़ रहा है, देश में बिजली की मांग नए रिकॉर्ड बना रही है. जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट बताती है कि पिछले हफ्ते ही औसत दैनिक ऊर्जा मांग में सालाना आधार पर 10% का उछाल आया है और यह 5,124 MU तक पहुंच गई. ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, साल 2026 को अल नीनो (El Niño) वर्ष माना जा रहा है, जिसका सीधा असर तापमान में बढ़ोतरी के रूप में दिखता है.

अगर हम पिछले अल नीनो वर्षों (जैसे 2015 और 2019) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि उस दौरान भी बिजली की पीक डिमांड में बड़ा उछाल आया था. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी का कहना है कि 18 अप्रैल को ही देश की पीक पावर डिमांड 239 गीगावाट (GW) के करीब पहुंच गई थी, जो पिछले साल के स्तर से काफी ऊपर है. सरकार को उम्मीद है कि इस गर्मी में यह आंकड़ा 271 गीगावाट तक जा सकता है. जेएम फाइनेंशियल का अनुमान है कि इस बार कोयले से बनने वाली बिजली पर निर्भरता बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा अडानी पावर जैसी कंपनियों को होगा.

शॉर्ट टर्म में रॉकेट बन सकता है Adani Power

अगर शेयरों के प्रदर्शन की बात करें, तो अडानी पावर ने हाल के दिनों में निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है. केवल एक हफ्ते में इसके शेयर 12% से ज्यादा भागे हैं, जबकि पिछले एक महीने में इसने 34% की शानदार छलांग लगाई है. 2026 में अब तक यह स्टॉक 37% से ज्यादा चढ़ चुका है. लंबी अवधि में तो इसने पांच साल के भीतर निवेशकों का पैसा 1,069% तक बढ़ाया है.

दासानी के मुताबिक, अडानी पावर मौजूदा हीटवेव को भुनाने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में है. कंपनी के पास 18,150 मेगावाट की स्थापित क्षमता है. कम समय में तेजी से मुनाफा कमाने (टैक्टिकल ट्रेड) के लिहाज से यह शेयर अभी काफी आकर्षक लग रहा है, क्योंकि यह गर्मी से बढ़ी बिजली की मांग का सीधा फायदा उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

लंबी रेस के लिए खास है Tata Power

दूसरी तरफ, टाटा पावर ने भी निवेशकों को स्थिरता के साथ अच्छा मुनाफा दिया है. पिछले एक महीने में इस शेयर में 8% से ज्यादा की तेजी आई है. पिछले पांच सालों में यह स्टॉक 365% से ज्यादा उछल चुका है.

बाजार के जानकारों का मानना है कि टाटा पावर को नजरअंदाज करना एक भूल हो सकती है. इस कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका बेहतरीन बिजनेस मिक्स है. 16,310 मेगावाट की ऑपरेशनल क्षमता के साथ-साथ यह कंपनी क्लीन एनर्जी और रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम कर रही है. इसके अलावा, सरकार ने गर्मियों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से टाटा पावर के 4,000 मेगावाट वाले ‘कोस्टल गुजरात पावर प्लांट’ को चालू करने का विशेष निर्देश दिया है, जो इसके लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है.

निवेशकों के लिए क्या होनी चाहिए सही रणनीति?

दोनों कंपनियों की अपनी अलग खूबियां हैं. हर्षल दासानी के अनुसार, अगर कोई निवेशक इस गर्मी के सीजन और बढ़ती मांग का तुरंत फायदा उठाना चाहता है, तो अडानी पावर एक बेहतरीन टैक्टिकल विकल्प है. लेकिन, अगर आपका नजरिया थोड़ा लंबा है और आप कम उतार-चढ़ाव के साथ एनर्जी ट्रांजिशन (क्लीन एनर्जी की ओर बदलाव) की पूरी कहानी का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो टाटा पावर आपके पोर्टफोलियो में स्थिरता और संतुलित ग्रोथ ला सकता है.