देश में एक बार फिर मौसम पलटी लेने जा रहा है. मौसम विभाग ने शनिवार को अलर्ट जारी किया है. यह अलर्ट दक्षिण भारत के राज्यों के लिए है. यहां मौसम में बड़े बदलाव अगले दो दिन में देखने को मिलेंगे.
वहीं, उत्तर भारत में तापमान में इजाफे का अनुमान भी IMD की तरफ से लगाया गया है.
इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, अगले दो दिन दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी तूफान की आशंका है. वहीं उत्तर भारत में तापमान में बढ़ा हुआ मिलेगा. दक्षिण भारत में भारी बारिश के हालात 21 से 23 फरवरी के बीच हो सकते हैं.
तमिलनाडु और केरल में तेज बारिश का अनुमान
IMD के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु और केरल के अन्य इलाकों में तेज बारिश का अनुमान है. इसके अलावा इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान के हालात रहेंगे.
समुद्री इलाकों में हालात और भी गंभीर रहने का अनुमान
इसके अलावा समुद्री इलाकों में हालात और गंभीर रहने की उम्मीद है. यहां हवा चलने की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है, जो 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है. इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है. खासकर मनार की खाड़ी, श्रीलंका से जुड़े समुद्री इलाके, और अंडमान के दक्षिण समुद्री इलाकों में हालात और गंभीर रहने का अनुमान है.
उत्तर भारत में तापमान में इजाफा देखने को मिलेगा
दक्षिण भारत से इतर उत्तर भारत में मौसम के तापमान में इजाफा देखने को मिलेगा. IMD के मुताबिक, यहां अगले 6 दिन तापमान में 3 से 4 डिग्री का इजाफा होने की उम्मीद है. इसके अलावा निम्नतम इजाफा 2 से 3 डिग्री तक रहने की उम्मीद है.
पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फवारी का दौर
इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या बर्फवारी का दौर रहेगा. हिमाचल के कुछ इलाकों में 23 फरवरी के आसपास बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है. इनके अलावा उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच इसी तरह का मौसम रहेगा. इसके अलावा भीषण ठंडी का मौसम इन क्षेत्रों के ऊपरी इलाकों में रहने की उम्मीद है.
दक्षिण भारत के किसानों के लिए मौसम विभाग की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. इसमें तमिलनाडु और केरल के किसानों को लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि पहले ही धान की फसल काटकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रख लें. इसके अलावा केले, सब्जियों और बागवानी की फसलों को सुरक्षित स्थानों पर स्टोर करने के निर्देश भी दिए गए हैं.



