राजनांदगांव। शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम अंतर्गत 9 से 12 फरवरी 2025 तक जिला चिकित्सालय में चार दिवसीय आईवायसीएफ (एमएए) प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग ऑफिसर एवं एएनएम को शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम की जानकारी दी गई। आईवायसीएफ (एमएए) कार्यक्रम जन्म से लेकर 2 वर्ष तक के शिशु स्वास्थ्य एवं विकास के लिए स्तनपान एवं पूरक आहार पद्धति को बढ़ावा दिए जाने वाली एक पहल है। जिसके तहत शिशु को जन्म से एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करवाना, शिशु के शुरू के 6 माह तक केवल माँ का ही दूध ही पिलाया जाना व शहद, पानी, अन्य कोई भी पदार्थ नहीं पिलाया जाना, शिशु के 6 माह पूरे होने के बाद स्तनपान के साथ-साथ दलिया, मसला हुआ खाना, अन्य सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार खाना शुरू करना, माताओं को शिशु आहार के सही तरीके के बारे में आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से परामर्श दिया जाना, कुपोषण की रोकथाम शिशु के मृत्यु दर में कमी लाना बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। शिशु विशेषज्ञ रोग डॉ. ओमेश खुराना, प्रोफेसर शासकीय नर्सिंग कॉलेज राजनांदगांव डॉ. उमा शेंडे, ग्रामीण चिकित्सा सहायक मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी राकेश गुप्ता, काउंसलर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ श्री हितेंद्र कोसरे द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
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