Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में दो म्यूल अकाउंट धारकों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में दो म्यूल अकाउंट धारकों को किया गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में शामिल दो म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से लोगों को धोखा देकर धन प्राप्त करने की कोशिश की गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

लिकेश साहू, पिता परमानंद साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी पटपर, तहसील डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव।

चंदूलाल क्षत्रीय, पिता धनसाय क्षत्रीय, उम्र 55 वर्ष, निवासी बसंतपुर वार्ड नं. 46, थाना बसंतपुर, जिला राजनांदगांव।

राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम व प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक श्री विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई थी।

साइबर सेल को मिली शिकायत के आधार पर पता चला कि दिनांक 01.01.2024 से विभिन्न 9 बैंकों के खातों में 6,86,860 रुपये साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से जमा किए गए थे। आरोपियों ने यह राशि बेईमानी और धोखाधड़ी से प्राप्त होने के बावजूद अपने खातों में व्यय या छिपाने का प्रयास किया।

साइबर धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट:
“म्यूल अकाउंट” वह बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग अपराधी अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए करते हैं।

अपराधी जानबूझकर या अनजाने में किसी व्यक्ति का खाता इस्तेमाल करते हैं।

पैसे को कई खातों में ट्रांसफर किया जाता है ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो।

अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर या लालच में फंसे लोग इसमें शामिल होते हैं।

सुरक्षा के उपाय:

किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता विवरण, एटीएम, चेकबुक या मोबाइल सिम न दें।

किसी भी संदिग्ध ऑफर या बड़ी रकम के लालच में न आएं।

अपने बैंक खाते की नियमित जांच करें।

कोई शंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

राजनांदगांव पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम जनता से कहा है कि किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाइल सिम, चेकबुक या एटीएम कार्ड न दें। म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठगी, गेमिंग ऐप, फर्जी ट्रेडिंग, सेक्सट्रेशन और अन्य धोखाधड़ी में होता है। ऐसे खाताधारक भी अपराध में भागीदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक नंदकिशोर, प्र.आर. शम्भूनाथ द्विवेदी और थाना स्टाफ की सक्रिय भूमिका इस कार्रवाई में रही।