गणतंत्र दिवस पर बहस का मुद्दा
गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर विपक्ष का अपमान कर रही है, खासकर 2016 के विधानसभा चुनावों के संदर्भ में।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने दो विपक्षी नेताओं को समारोह के दौरान तीसरी पंक्ति में बैठाकर संविधान का अपमान किया है। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में असमिया गमोसा को लेकर उठे विवाद पर भी स्पष्टीकरण दिया।
खरगे का बयान
खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘गमोसा’ पहना था, लेकिन खाना खाते समय उसे मोड़ दिया। भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड के दौरान विपक्षी नेताओं को तीसरी पंक्ति में बैठाना संविधान का अपमान है। वे भी राज्य मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति से मिलने के लिए कतार में थे। खरगे ने भाजपा के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की और कहा कि यह केवल कांग्रेस को अपमानित करने के लिए किया जा रहा है।
भाजपा का जवाब
खरगे ने यह भी कहा कि वह सबसे वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाना अपमानजनक है। इससे पहले, भाजपा ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित गृह सम्मेलन में राहुल गांधी पर पूर्वोत्तर की संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के इस कदम की आलोचना की और कहा कि इससे उत्तर पूर्व के प्रति उपेक्षा की भावना बढ़ती है।
सांस्कृतिक प्रतीक का अपमान
भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गृह स्वागत समारोह में पारंपरिक पटका पहना था। असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “समय बदल सकता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी का रवैया अपरिवर्तित है। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक पटका को नहीं पहना, जो कि असंवेदनशीलता का प्रतीक है।”



