राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के चिखली चौकी क्षेत्र अंतर्गत गौरीनगर इलाके में गोवंश के कटे सिर मिलने की सनसनीखेज और गंभीर घटना का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चिखली पुलिस व सायबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए गाय की हत्या कर गोमांस बेचने वाले एक अपचारी बालक समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और स्कूटी भी जब्त कर ली गई है।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, गत 14 अक्टूबर 2026 को चिखली चौकी में प्रार्थी ने उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गौरीनगर स्थित शीतला तालाब के पास किसी अज्ञात आरोपी द्वारा हिंदू धर्म की आस्था के प्रतीक गोवंश (गाय) का सिर काटकर फेंक दिया गया है। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी गौरीनगर के निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास गाय का कटा हुआ सिर बरामद हुआ था। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान हुई इस दुर्दांत घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई थी।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सहायता ली। फुटेज की बारीकी से जांच करने पर कुछ संदिग्ध लोग रात के वक्त सड़क पर बैठे मवेशियों को अपने साथ हांककर ले जाते हुए दिखाई दिए।
फुटेज में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान गौरीनगर निवासी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी के रूप में की गई। जब पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम ने अपनी पत्नी, बेटी और अन्य साथियों के साथ मिलकर गोवंश को हलाल कर काटने और उसका मांस बेचने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने दोनों गायों के सिर गौरीनगर अंडरब्रिज और शीतला तालाब में फेंके थे। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो नग सुत्ता, एक संटी (चाकू) और सिर फेंकने में इस्तेमाल की गई स्कूटी (क्रमांक सीजी 24 आर 6360) जब्त कर ली गई। आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 299, 325, 238, 3(5) तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आदेशानुसार उन्हें जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने निम्नलिखित 10 वयस्क आरोपियों और एक अपचारी को दबोचा है:
अब्दुल अलीम उर्फ कनवा (39 वर्ष), निवासी- यशोधरा नगर, नागपुर (महाराष्ट्र), हाल मुकाम- गौरीनगर वार्ड नं. 13, ओपी चिखली, जिला राजनांदगांव।
अंजुम बेगम (35 वर्ष), पति- अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, निवासी- यशोधरा नगर, नागपुर (महाराष्ट्र), हाल मुकाम- गौरीनगर वार्ड नं. 13, ओपी चिखली, जिला राजनांदगांव।
सलमान खान (19 वर्ष), निवासी- देवनगर गौरीनगर, चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
मोहम्मद साकिर खान (20 वर्ष), निवासी- गौरीनगर सुलभ के पास, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
मोईन गौरी (35 वर्ष), निवासी- स्टेशनपारा वार्ड नं. 11, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
आरिफ कुरैशी (39 वर्ष), निवासी- कसाईपारा, थाना कोतवाली के पीछे, राजनांदगांव।
सलिम अख्तर (42 वर्ष), निवासी- गौरीनगर देवनगर के सामने, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
सैय्यद नदीम (38 वर्ष), निवासी- स्टेशनपारा श्रीराम किराना स्टोर्स के पास, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
मोहम्मद सिराज (46 वर्ष), निवासी- शंकरपुर छोटा तालाब के पास, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
मोहम्मद तौहिद रजा खान (28 वर्ष), निवासी- गौरीनगर अचानकनगर, पुलिस चौकी चिखली, जिला राजनांदगांव।
(साथ ही एक अपचारी बालक को भी विधि के अनुसार हिरासत में लिया गया है)
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस अंधे और संवेदनशील मामले का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी कोतवाली उपेन्द्र शाह, सोमनी प्रभारी एमन साहू, बसंतपुर प्रभारी कौशलेन्द्र देवांगन, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर, सहायक उप निरीक्षक शत्रुहन टंडन, प्रधान आरक्षक अरुण नेताम, महिला प्रधान आरक्षक वंदना पटले, आरक्षक आदित्य सोलंकी, चंद्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, सुनील बैरागी, टीकाराम ध्रुव, तामेश्वर भुआर्य, जयराम निषाद, सायबर सेल राजनांदगांव से निरीक्षक विनय पम्मार एवं उनकी टीम तथा चौकी चिखली के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।



